जिला पंचायत सभागार में “विभाजन की विभीषिका” विषय पर आयोजित संगोष्ठी

IMG-20230815-WA0022

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे

गाजीपुर 14अगस्त 1947 को एक तरफ 200 सालों की गुलामी के बाद आजादी मिलने वाली थी, तो वहीं दूसरी तरफ धर्म के नाम पर देश के दो टुकड़े हो रहे थे। 14 अगस्त, 1947 भारत के इतिहास का वो दिन है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। एक तरफ जहां दशकों की गुलामी के बाद देश आजादी का सूरज देखने को बेकरार था, तो वहीं दूसरी तरफ देश के दो टुकड़े हो रहे थे। उपरोक्त बातें राज्यसभा की माननीय सदस्य श्रीमती दर्शना सिंह जी ने आज गाजीपुर के जिला पंचायत सभागार में “विभाजन की विभीषिका” विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते कहा। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर लोगों को बांट दिया गया। देश बंटवारे में लाखों लोगों ने अपनों को खोया, घर-बार छूटा। बंटवारे का दंश झेलने वाले देशवासियों को श्रद्धांजलि देने के लिए आज पूरा देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आवाह्न पर विभाजन विभीषिका दिवस मना रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आज का दिन हमें याद दिलाता है कि जो पीड़ा हमारे लोगों को हुई उसका दर्द आज भी हम सबको है। इस दिवस के माध्यम से उसे याद करते आने वाली पीढ़ियों को भी इससे अवगत कराना चाहिए।
जिलाध्यक्ष श्री भानुप्रताप सिंह ने कहा कि विभाजन के विभीषिका का दर्द हमारे देश के हजारों लोगों ने झेला है। आज के ही दिन नफरती मानसिकता के कारण देश का विभाजन हुआ। जिसके परिणाम स्वरूप हमारे असम भाइयों ने उस कष्ट को झेला और अपने प्राण दे दिए देश के इतिहास में यह कभी ना भूलने वाला दिन है। आज इस कार्यक्रम के माध्यम से मैं उन सभी के प्रति अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। कार्यक्रम को जिला प्रभारी अशोक मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शंकर राय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिलामहामंत्री प्रवीण सिंह और आभार प्रकट जिलामहामंत्री ओमप्रकाश राय ने किया। इससे पूर्व पूर्वाहन 11 बजे नगर के लंका मैदान से मौन जुलूस का आयोजन जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के नेतृत्व में किया गया। जो लंका मैदान से शुरू होकर सकलेनाबाद, विशेश्वरगंज, मिश्राबाजार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर महुआबाग के रास्ते कचहरी होते हुए सरजू पांडेय पार्क में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समाप्त हुआ।

About the Author

Leave a Reply