तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता/बी के आचार्या
रेनूकूट – सोनभद्र
श्रम राज्य कल्याण परिषद की कल्याणकारी योजनाओं के पात्रता को हितलाभ वितरण करने के लिए राज्य मंत्री सुनील भराला पिपरी नगर पंचायत के कल्याण मण्डपम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार राशि योजना सहित कुल 8 योजनाओं के बारे में श्रम मंत्री ने बताया और कहा कि श्रमिकों के हित के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार लगातार काम कर रही है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुनील भराला जी ने कहा कि असंगठित कर्मकार के लिए पंजीयन विधि व योजनाएं लगातार सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं जिसमें मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना मुख्यमंत्री एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना ज्योतिबा फुले कन्यादान योजना के साथ प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही है दो नई योजनाओं के बारे में मंत्री जी ने बताया जिसमें उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2008 की धारा के अंतर्गत जो पेंशन योजनाएं श्रमिकों के हित के लिए प्रारंभ की गई है प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना व्यापारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी लगातार श्रमिकों के हित के लिए योजनाएं बना रहे हैं और क्रियान्वयन भी कर रहे हैं ताकि मजदूरों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके ।
– सोनभद्र के स्थानीय कल कारखानों में मजदूरों के हो रहे शोषण को लेकर मंत्री जी ने कहा कि मेरे पास स्काई कार्बन (हाई टेक कार्बन) के मजदूरों की शिकायत मिली थी जिसके निस्तारण के बारे में बताया कि कुल 78 मजदूरों की शिकायत मिली थी जिसमे 48 का निस्तारण कर दिया गया है सोलह की शिकायत में अनियमितता है जिसका निवारण किया जा रहा है,बाकी के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है जल्दी से निस्तारण करके अवगत कराएं ।
– स्काई कार्बन के प्रदूषण को लेकर राज्य मंत्री ने कहा कि अगर ये कम्पनिया प्रदूषण फैलाती है तो इनके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी अगर जरूरत पड़ी तो इनके मनमाने रवैये को सख्ती से बंद कराया जाएगा स्थानीय लोगो ने शिकायत किया कि स्काई कार्बन का काला कार्बन हम लोगो के घर की छतों पर गिरता है जिससे सारे घर मे कार्बन ही कार्बन हो जाता है शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कारवाही नही की जाती है।रोड से लेकर घर के अंदर तक कार्बन की कालिख में जिंदगी जीने को है मजबूर क्या करे स्थानीय प्रशाशन कभी हम लोगो की बात नही सुनता ।






