तेज़ एक्सप्रेस न्यूज -किरण साहनी
जनपद सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुराने रोडवेज बस अड्डे के अंदर संचालित एक शराब की दुकान स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। इस शराब ठेके पर मिलावटी शराब की बिक्री का मामला अब खुलकर सामने आया है। लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकान पर मिलने वाली शराब की क्वालिटी बेहद खराब है और पीने के बाद कई लोगों को अस्वस्थता तक हो गई है।स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि शराब की बोतलों में मिलावट के कई मामले पहले भी उठ चुके हैं, लेकिन इस बार शिकायत करने पर ठेका कर्मियों का रवैया और भी अक्खड़ रहा। जब शिकायत लेकर कुछ लोग ठेके पर पहुंचे और सेल्समेन से बात की, तो उसने न सिर्फ झल्लाकर जवाब दिया, बल्कि यह तक कह दिया कि “यहां कोई मिलावट नहीं होती, जो करना है कर लो।”हैरान करने वाली बात यह है कि इस ठेके का मालिक या ठेकेदार कौन है, इसका नाम तक स्पष्ट नहीं है! दुकान पर न तो किसी मालिक का नाम-पट्ट लगा है और न ही लाइसेंस की कोई कॉपी दिखाई देती है। सिर्फ शराब ब्रांड का विज्ञापन पोस्टर झूलता नजर आता है, जो शराब कानूनों के स्पष्ट उल्लंघन की ओर इशारा करता है।स्थानीय जनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीर जांच कराई जाए, क्योंकि बस अड्डे जैसे सार्वजनिक स्थल के अंदर इस तरह की मिलावटी व अवैध बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकती है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि शराब ठेकेदारों की मनमानी के चलते क्षेत्र में आए दिन असामाजिक तत्वों की भीड़ इकट्ठी रहती है, जिससे महिलाओं और यात्रियों को असुरक्षा की भावना बनी रहती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो जन आंदोलन की स्थिति भी बन सकती है।प्रशासन की नज़र से बचकर चल रहे इस नामहीन शराब ठेके ने अब सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां गई?जनता प्रशासन से अपील कर रही है कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर जांच दल गठित किया जाए, ताकि मिलावटी शराब और अवैध व्यापार पर लगाम लग सके।






