तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ –किरण साहनी
सोनभद्र,
लगातार भारी वर्षा, ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं से सोनभद्र जनपद के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों में लगी धान, टमाटर, मिर्च, अरहर और दलहनी फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। किसानों की इसी विकट स्थिति को देखते हुए तेजस्वी संगठन न्यास के संस्थापक ई. प्रकाश पाण्डेय ने जिला अधिकारी सोनभद्र को पत्र लिखकर तात्कालिक फसल क्षति सर्वेक्षण एवं मुआवजा वितरण की मांग की है।
पत्र संख्या TSN/AGRI/2025/02 दिनांक 01 नवम्बर 2025 में कहा गया है कि जिले के सभी विकासखंड करमा, घोरावल, राबर्ट्सगंज, चतरा, रामगढ़, चोपन, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी, नगवां और गढ़वा में किसानों की फसलें 70 से 100 प्रतिशत तक नष्ट हुई हैं।
प्रमुख प्रभावित ग्राम पंचायतों में वेलाही, तिलौली कला खरुआव, कमेटी, डोमखरी बमौरी,बकौली,गुरेठ, खुटहनिया, चौरा, करकी, बरसोत, बेलथर, डाला, ओबरा, राबर्ट्सगंज ग्रामीण क्षेत्र आदि शामिल हैं। कई किसानों के घरों में दरारें पड़ी हैं, पशुचारा समाप्त हो गया है और आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। ई. प्रकाश पाण्डेय ने प्रशासन से चार बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम बनाकर सर्वे कराया जाए। प्रभावित किसानों को राहत सहायता व मुआवजा राशि दी जाए।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा दावों का त्वरित निस्तारण किया जाए।बीमा से वंचित किसानों को विशेष राहत पैकेज के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाए।
उन्होंने बताया कि यह पत्र जिला अधिकारी व जिला कृषि अधिकारी सोनभद्र को ईमेल, व्हाट्सऐप, टेलीफोनिक संपर्क तथा IGRS पोर्टल के माध्यम से भी भेजा गया है ताकि इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए किसानों की सहायता सुनिश्चित की जा सके।
प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि
किसानों की फसल ही उनकी जीवनरेखा है।प्राकृतिक आपदा ने उन्हें बुरी तरह तोड़ दिया है।
सरकार से अपेक्षा है कि प्रत्येक प्रभावित किसान को शीघ्र राहत दी जाए।”वेलाही, तिलौली कला, करमा, घोरावल, सोनभद्र






