तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विष्णु गुप्ता
सोनभद्र विद्युत वितरण खण्ड पिपरी डिवीजन के संविदा कर्मियों ने आज अधिशासी अभियंता कार्यालय का संविदा कर्मियों की अनियमितता को लेकर घेराव किया ।
सोनभद्र के पिपरी रेणुकूट स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वितरण क्षेत्र पिपरी के अधिशासी अभियंता कार्यालय का संविदा कर्मियों ने घेराव किया। संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर के अधिशासी अभियंता को एक ज्ञापन पहले भी सौंपा था, जिसमें वार्ता के लिए उनसे अनुरोध किया गया था, लेकिन अधिशासी अभियंता महोदय के द्वारा टालमटोल किया जाता रहा और कोई भी जवाब नहीं दिया गया। विद्युत संविदा कर्मियों ने अधिशाषी अभियंता के उदासीन रवैया के बाद भी दूसरी बार 24 11 को इस आशय के साथ एक और ज्ञापन अधिशासी अभियंता महोदय के कार्यालय को भेजा गया,ताकि विद्युत संविदा संगठन के लोगों के साथ वार्ता करके संविदा कर्मियों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके । लेकिन अधिशासी अभियंता के उदासीन रवैया को लेकर संविदा कर्मियों में नाराजगी बढ़ती रही,लेकिन दिए गए ज्ञापन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई,,, इससे संविदा कर्मियों के मन में आक्रोश बढ़ता गया,जबकि सभी संविदा कर्मियों ने 29 11 को अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव करने के फैसले की जानकारी अधिशासी अभियंता कार्यालय पिपरी को पहले से दी गई थी । परन्तु अधिशाषी अधियंता द्वारा किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया जिसे लेकर आज कार्यालय का घेराव शुरू कर दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए नितेश मौर्य ने सभा को संबोधित किया,इससे पहले जिला अध्यक्ष ज्योति रावत द्वारा संविदा कर्मियों को बताया गया कि उनके होने वाले शोषण को लेकर,अधिशाषी अभियंता कार्यालय का घेराव होता रहेगा,और यह तब तक होता रहेगा जब तक हमारी मांगों का उचित समाधान ना निकल जाए ।अधिशासी अभियंता के इस उदासीन रवैया से संविदा कर्मियों के मन में बहुत आक्रोश उत्पन्न है,जिससे कभी भी डिवीजन के संविदा कर्मियों के द्वारा भूख हड़ताल,कार्य बहिष्कार जैसे कदमों को उठाना पड़ सकता है, इसलिए हमारी समस्याओं का तत्काल उचित समाधान करें , जिससे संविदा कर्मियों की समस्याओं को समाप्त कर समाधान निकाला जा सके ।
वहीं विद्युत संविदा कर्मचारियों ने अनुरोध किया है कि,संविदा कर्मचारियों की मांग पर विचार कर संगठन के पदाधिकारी को साथ लेकर द्विपक्षी वार्ता कर समाधान निकालने की कृपा करें,नहीं तो इसी स्थिति में सभी कर्मचारी मजबूर होकर अपने अपने कार्यालय पर धरना देने व भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे जिस कारण औद्योगिक शांति व अन्य कठिनाइयों के लिए वितरण खण्ड का प्रबंधन स्वत संपूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे ।






