तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र | 15 दिसंबर 2025
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के सभागार में सोमवार को भारत की एकता और अखंडता के शिल्पकार, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 75वीं पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने की। उपस्थित अधिवक्ताओं ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।इस अवसर पर अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल एक महान नेता नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय एकता के सूत्रधार थे। स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में उन्होंने अदम्य इच्छाशक्ति, असाधारण नेतृत्व और अटल संकल्प के बल पर राष्ट्र की अखंडता को सुनिश्चित किया। उनके दृढ़ निर्णयों ने देश को टूटने से बचाया और एक मजबूत भारत की नींव रखी।
पूर्व अध्यक्ष श्याम बिहारी यादव एडवोकेट ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व में 562 से अधिक रियासतों का भारत संघ में ऐतिहासिक विलय संभव हुआ। यह कार्य विश्व इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण है, जो आज भी देशवासियों को एकता, साहस और दृढ़ता की प्रेरणा देता है।महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने कहा कि हर वर्ष 15 दिसंबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि मनाई जाती है। 1950 में इसी दिन मुंबई में उनका निधन हुआ था, जिससे पूरा देश शोकाकुल हो उठा था। हालांकि, उनका योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। वे आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरदार पटेल के विचारों, उनके कठोर लेकिन राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों और उनके अनुकरणीय नेतृत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भी सरदार पटेल के आदर्श देश को एकजुट रखने के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।इस अवसर पर चौधरी यशवंत सिंह, राजेश कुमार मौर्य, राजेश कुमार यादव, कामता प्रसाद यादव, राजकुमार पटेल, अजय, सरफराज खान, दशरथ यादव, शैलेंद्र कुमार, राम गुल्ली यादव, वीरेंद्र कुमार, संदीप जायसवाल, प्रदीप यादव, टीटू गुप्ता, रविंद्र पटेल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में लौह पुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।






