तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र/दिनांक 31 जनवरी,2026 जिले में विकास की रफ्तार को तेज करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी बीएन सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में नवीन व्यवस्था के अंतर्गत मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (सीएम डैशबोर्ड) के माध्यम से विभिन्न विभागों के विकास कार्यों, लाभार्थीपरक योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रगति में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले NRLM (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) समूहों के खाते बैंकों में खोलने और उन्हें ऋण उपलब्ध कराने की प्रगति पर नजर डाली। रिपोर्ट्स में प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि DMM (जिला मिशन प्रबंधक) और BMM (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) को तत्काल चेतावनी जारी की जाए। यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आता तो उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह महत्वपूर्ण कार्य है, जिसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं चलेंगी।इसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र छात्रों के फॉर्म विद्यालयों से शीघ्र अग्रसारित कराए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। यह निर्देश विशेष रूप से उन हजारों आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो सरकारी छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं।समीक्षा का अगला दौर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी ऋण योजना पर केंद्रित रहा। उपायुक्त उद्योग एवं LDM (लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर) को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सभी लाभार्थियों के पत्रावलियों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने वाली इस योजना के तहत सोनभद्र जैसे दूरस्थ जिले में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं, इसलिए इसमें तेजी लानी होगी।बैठक में IGR S (इंटीग्रेटेड ग्रievance रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण पर भी गहन चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने पाया कि कई शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण नहीं है और असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हो रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और पूर्ण संतुष्टि के साथ समाधान किया जाए। जिन अधिकारियों द्वारा लगातार खराब प्रदर्शन किया जा रहा है, उनके खिलाफ विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जनता की शिकायतों का त्वरित निपटारा जिला प्रशासन की विश्वसनीयता का मूल मंत्र है, इस पर कोई समझौता नहीं होगा।अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को विकास कार्यों, लाभार्थीपरक योजनाओं तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में प्रगति की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि लक्ष्य प्राप्ति में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उच्चाधिकारियों को विभागीय कार्यवाही हेतु पत्राचार किया जाएगा। सोनभद्र जिले को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए सभी विभागों को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतपाल वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, डीसी मनरेगा रवीन्द्र वीर सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक DRDA एसके राय, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।यह बैठक जिले के विकास एजेंडे को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखने की उम्मीद है।






