ओबरा में PWD पर गंभीर आरोप! 30 लाख का टेंडर “फर्जी गड्ढों” के नाम पर पास कराने की चर्चा से मचा बवाल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

जनपद सोनभद्र के औद्योगिक नगर ओबरा में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) और संबंधित ठेकेदार की कथित मिलीभगत को लेकर भारी आक्रोश फैल गया है। मामला क्षेत्र के प्रमुख मार्ग—सुभाष पेट्रोल पंप से सुभाष चौराहे तक—से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां सड़क की मरम्मत के नाम पर लगभग ₹30 लाख का टेंडर पास कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिस सड़क को कागजों में अत्यंत जर्जर और गड्ढों से भरी हुई दिखाया गया, वह वास्तविकता में इतनी खराब स्थिति में नहीं थी। लोगों का कहना है कि “फर्जी गड्ढे” दर्शाकर शासन से मोटी धनराशि स्वीकृत कराई गई। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या वास्तव में सड़क मरम्मत की आवश्यकता थी, या फिर यह पूरा मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का उदाहरण है?जनता में उबाल, जांच की मांग नगरवासियों का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसे से जुड़ा है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही बल्कि भ्रष्टाचार का गंभीर मामला माना जाएगा। स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।कई नागरिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए शासन से स्पष्ट जवाब और पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल क्या सड़क की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन हुआ था?टेंडर प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही?
क्या गुणवत्ता जांच और स्थल निरीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी?इन सवालों के बीच आम जनता जवाब चाहती है। नगर में चर्चा है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन भी हो सकता है।
विकास या दिखावा?
ओबरा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक नगर में विकास कार्यों की पारदर्शिता बेहद जरूरी है। जनता का कहना है कि विकास के नाम पर यदि सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है, तो यह विश्वासघात है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और शासन स्तर की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल विभागीय अधिकारियों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।

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