खुटहनियां में किसानों और महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का हुनर, 6 मार्च को होगा विशेष प्रशिक्षण शिविर

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। जनपद के करमा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खुटहनियां में किसानों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। तेजस्वी संगठन न्यास के अंतर्गत संचालित तेजस्वी किसान मार्ट द्वारा 6 मार्च 2026, दिन शुक्रवार को एक विशेष सामूहिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें किसान उत्पादक संगठनों (FPO) तथा स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के सदस्यों को कृषि आधारित लघु उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तेजस्वी किसान मार्ट स्टोर, खुटहनियां में आयोजित होगा, जहां क्षेत्र के किसान, एफपीओ सदस्य और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बड़ी संख्या में भाग लेंगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में कृषि उत्पादों के संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक तकनीकों से लोगों को परिचित कराना है, ताकि वे कृषि के साथ-साथ उससे जुड़े लघु उद्योगों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र सोनभद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रश्मि सिंह प्रतिभागियों को फलों और सब्जियों के संरक्षण, प्रसंस्करण, प्रबंधन और बाजार तक पहुंच बनाने की विस्तृत जानकारी देंगी। प्रशिक्षण के दौरान टमाटर, मिर्च, बेल, पपीता सहित अन्य फलों और सब्जियों को सुरक्षित रखने की वैज्ञानिक विधियों के साथ-साथ उनसे अचार, पापड़, मुरब्बा, घी एवं अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने की व्यावहारिक तकनीक भी सिखाई जाएगी।
विशेषज्ञों द्वारा यह भी बताया जाएगा कि इन उत्पादों की पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार में प्रभावी ढंग से विपणन कैसे किया जाए, जिससे ग्रामीण महिलाएं और किसान अपने उत्पादों को बेहतर दाम पर बेच सकें। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को छोटे स्तर पर घरेलू उद्योग स्थापित करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
तेजस्वी संगठन न्यास द्वारा संचालित तेजस्वी किसान मार्ट लंबे समय से किसानों, एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, उत्पादों के मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। संस्था का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों और महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए और गांवों में रोजगार के नए अवसर विकसित हों।आयोजकों की ओर से क्षेत्र के सभी एफपीओ सदस्यों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और किसानों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर प्रशिक्षण का लाभ उठाएं, ताकि कृषि उत्पादों को मूल्य संवर्धन के माध्यम से आय का स्थायी स्रोत बनाया जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

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