तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र की ओर से आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसको सफल बनाने के लिए मंगलवार को न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए रणनीति बनाई गई।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लोक अदालत में अधिक से अधिक लंबित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए, जिससे आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।
बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट से जुड़े मामले, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले, बिजली और पानी के बिल से जुड़े विवाद, सेवा संबंधी वेतन और भत्तों के मामले, राजस्व वाद तथा अन्य सिविल वादों को लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करने की तैयारी पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही ऐसे प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जाएगा, जो अभी न्यायालय में दाखिल नहीं हुए हैं।
बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे और सभी को निर्देशित किया गया कि लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों में नोटिस की तामील सुनिश्चित कराते हुए पक्षकारों को उपस्थित कराया जाए, ताकि बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण संभव हो सके।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपद में सामाजिक संस्थानों का निरीक्षण और विधिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का भी जायजा लिया गया। यहां कुल 42 वृद्धजन निवास करते हुए पाए गए।
इस दौरान वृद्धजनों को उनके अधिकारों और सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कानून और योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ वे ले सकते हैं। साथ ही वृद्धावस्था पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया गया, जहां निरीक्षण के दौरान चार नवजात शिशु—एक बालक और तीन बालिकाएं—आवासित पाए गए। अधिकारियों ने वहां की साफ-सफाई, रजिस्टर और अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा बच्चों की देखभाल और खान-पान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों को महिलाओं और बच्चों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में जानकारी देते हुए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जनपद के अधिक से अधिक लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाई जा सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपील की है कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में लोग अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराएं और त्वरित न्याय का लाभ उठाएं।





