10 साल पुराने श्यामसुंदर हत्याकांड में बड़ा फैसला: 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा, कोर्ट ने सुनाया कड़ा संदेश

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र। करीब साढ़े दस वर्ष पुराने चर्चित श्यामसुंदर हत्याकांड में शनिवार को न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए छह दोषियों को कड़ी सजा दी। सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए गरीब, रामअवतार, मोहनलाल, रामलाल, मन्नीलाल शर्मा और नंदलाल को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने सभी दोषियों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक को तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही, जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घोरावल थाना क्षेत्र के बेलखुरी गांव निवासी गोविंद कुमार ने 6 जून 2015 को पुलिस में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि जमीन कब्जे के विवाद को लेकर उसके पड़ोसी गरीब, रामअवतार, मोहनलाल, रामलाल, मन्नीलाल शर्मा और नंदलाल ने उसे लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर बचाने आए उसके पिता लालमनी और भाई श्यामसुंदर को भी आरोपियों ने बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल श्यामसुंदर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद मामला हत्या में बदल गया।पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने गवाहों के बयान, साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने की।
क्रॉस केस में भी आया फैसला: तीन को 5-5 साल की सजा
इसी मामले से जुड़े क्रॉस केस में भी अदालत ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। सत्र न्यायाधीश ने लालमनी, राजेश और गोविंद को दोषी पाते हुए 5-5 वर्ष की कैद और 3-3 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
अर्थदंड न देने पर इन्हें भी तीन माह अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
क्रॉस केस की पृष्ठभूमि
दूसरे पक्ष के रामअवतार ने भी 6 जून 2015 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि लालमनी, राजेश और गोविंद उसके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर तीनों ने लाठी-डंडों से हमला कर उसे और उसके भाई को घायल कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में भी जांच कर चार्जशीट दाखिल की थी। दोनों मामलों की सुनवाई के बाद अदालत ने संतुलित फैसला सुनाते हुए दोनों पक्षों के दोषियों को सजा दी।

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