कुएं में मिली लाश का राज खुला! पति-पत्नी निकले कातिल अदालत ने सुनाई 10-10 साल की सजा

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र करीब साढ़े तीन साल पहले हुए चर्चित रामसेवक उर्फ काशी हत्याकांड में आखिरकार न्याय का पहिया घूम गया। सनसनीखेज इस मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी दंपती को कड़ी सजा दी है। मंगलवार को सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 12-12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत का सख्त रुख
कोर्ट ने साफ कहा कि यह गंभीर अपराध है, जिसमें किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोनों दोषियों को 3-3 माह की अतिरिक्त कैद भी भुगतनी होगी। साथ ही, जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समाहित करने का आदेश भी दिया गया है।
ऐसे खुला था हत्याकांड का राज
मामला अगस्त 2022 का है, जब अरुआंव निवासी विजय कुमार का बेटा रामसेवक उर्फ काशी अचानक लापता हो गया था। वह 9 अगस्त की शाम बाइक से घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
तीन दिन बाद गांव के लोगों ने एक मोबाइल फोटो के जरिए जानकारी दी कि पास के गांव महुआंव पांडेय के एक कुएं में युवक की लाश मिली है। जब परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो शव की पहचान रामसेवक के रूप में हुई। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।शराब पार्टी बनी मौत की वजह
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि रामसेवक घटना वाले दिन आरोपी रामलखन के घर गया था, जहां शराब पीने के दौरान कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट में उसकी हत्या कर दी गई। वारदात को छिपाने के लिए शव को कुएं में फेंक दिया गया था। पुलिस जांच और कोर्ट में सुनवाई
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर गहन जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी दंपती के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पहली बार अपराध होने का हवाला देकर नरमी की मांग की, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसे जघन्य अपराध बताते हुए सख्त सजा की पैरवी की।
न्याय का संदेश
अंततः अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध मानते हुए रामलखन और उसकी पत्नी कृष्णावती को सजा सुनाई। इस फैसले के बाद साफ संदेश गया है कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में कानून किसी को बख्शने वाला नहीं है।

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