तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विजय सोनी
सोनभद्र(बीजपुर)क्षेत्र में बहने वाली बिच्छी नदी इन दिनों अवैध बालू खनन का मुख्य केंद्र बन गई है। खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब रात के अंधेरे के साथ दिनदहाड़े भी नदी का सीना चीरकर बालू निकाला जा रहा है।

आश्चर्यजनक बात यह है कि इस अवैध कारोबार में कथित तौर पर कई ग्राम प्रधानों और सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं की संलिप्तता सामने आ रही है।अवैध बालू की ढुलाई के लिए बिच्छी नदी से सेवकाडाँड,पिपरहर और जरहा जैसे क्षेत्रों के लिए ट्रैक्टरों का अवैध रास्ता भी बना दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार नदी से जोड़ने वाले इन रास्तों को इस तरह तैयार किया गया है कि ट्रैक्टर आसानी से मुख्य मार्ग तक पहुँच सकें पिंडारी-ठेकुआ रोड और सेवका मोड़ से बूढ़ा होते हुए बिच्छी नदी तक का पूरा मार्ग अवैध खनन परिवहन की गवाही दे रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में चार स्थानीय ग्राम प्रधानों के ट्रैक्टर सीधे तौर पर शामिल हैं।कुछ ट्रैक्टर जहाँ दिन में सक्रिय रहते हैं वहीं कुछ पूरी-पूरी रात नदी से बालू ढो रहे हैं।ठेकुआ रोड पर खुलेआम दौड़ते बालू लदे ट्रैक्टर स्थानीय पुलिस और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
क्या शासन स्तर इन सफेदपोश खनन माफियाओं पर लगाम लगाएगा या बिच्छी नदी का अस्तित्व इसी तरह मिटाया जाता रहेगा यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।जानकारी लेने पर बताया गया कि रेंजर सुधीर सिंह ने टीम भेज कर मौका मुआयना कराया लेकिन तब तक क्षेत्रीय वन दरोगा की कृपा पर नदी से ट्रैक्टर निकल कर भाग चुके थे।






