तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार
दुद्धी सोनभद्र। कस्बे में राजस्व विभाग के लेखपाल आवास के पीछे कुछ सप्ताह पहले एक गुमटी रखी गई है, जिसमें स्थानीय लोगों के अनुसार बिना किसी नाम‑पट्ट या बोर्ड के कथित रूप से स्वास्थ्य/चिकित्सा जांच केंद्र संचालित किया जा रहा है। यह मामला तब उलझन का विषय बना जब क्षेत्र में पहले से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इस गुमटी के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भूमि पर इस तरह गुमटी लगाकर गतिविधि करना अतिक्रमण के दायरे में आता है। यदि यह वास्तव में चिकित्सा जांच केंद्र है तो उसे आवश्यक पंजीकरण और वैधानिक अनुमति की जरूरत होती है, जिसका यहां कोई सबूत दिखता नहीं। लोग पूछ रहे हैं कि नियमित अतिक्रमण हटाने के बावजूद इस मामले पर क्यों नजर नहीं रखी जा रही।
स्थानीय निवासी और कारोबारियों ने जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में गुमटी को अवैध कब्जा पाया जाता है या बिना अनुमति के जांच केंद्र चलाया जा रहा है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।






