बेकाबू रफ्तार का कहर: आधी रात ट्रेलर बना मौत का पैगाम, तीन दुकानें और मकान रौंदा, पूर्व प्रधान का बेटा गंभीर

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

गुरमा (सोनभद्र)। चोपन थाना क्षेत्र के गुरमा स्थित मारकुंडी में सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार खाली ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित तीन दुकानों और एक मकान में जा घुसा। तेज धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। गहरी नींद में सो रहे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। हादसे में पूर्व प्रधान के 45 वर्षीय पुत्र रामलखन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि तीन दुकानों और एक मकान को भारी क्षति पहुंची। स्थानीय लोगों के अनुसार इस दुर्घटना में करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेलर तेज गति से मारकुंडी घाटी की ओर से आ रहा था। अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और ट्रेलर सीधे सड़क किनारे बने प्रतिष्ठानों को तोड़ते हुए मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि दुकानों के शटर, दीवारें और अंदर रखा सामान पूरी तरह बिखर गया। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे के दौरान घायल हुए रामलखन यादव को स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबे से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। समय रहते आसपास के लोग बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि दुर्घटना के समय दुकानों पर भीड़ होती, तो जनहानि और भी अधिक हो सकती थी।
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मारकुंडी क्षेत्र में तेज रफ्तार भारी वाहनों का संचालन लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। कई बार प्रशासन से स्पीड कंट्रोल, चेतावनी संकेत और सख्त निगरानी की मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
सूचना पर पहुंची चोपन थाना पुलिस ने ट्रेलर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चालक की तलाश के साथ दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त दुकानदारों को उचित मुआवजा दिलाने, घायल के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने तथा मारकुंडी मार्ग पर भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।

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