
तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
गाजीपुर – उत्तर प्रदेश
जिले में गंगा, कर्मनाशा और गोमती आदि नदियों में इन दिनों उफान बना हुआ है। रह रहकर हो रही बरसात के बीच पहाड़ाें से आने वाला नदियों का वेग भी सहायक नदियों में उफान की स्थिति दे रहा है। मानसूनी सक्रियता का दौर इस पूरे माह तक बना रहेगा। इस दौरान आने वाले दिनों में मानसूनी सक्रियता का दौर बना रहा तो जलस्तर भी चुनौती देगा। इस लिहाज से ग्रामीण अंचलों में काफी चुनौती लगातार बढ़ता हुआ जलस्तर दे रहा है। वहीं गांव में फसलें डूबने के बाद अब हरे चारे का भी अभाव होने लगा है। माना जा रहा है कि लंबे समय तक डूबे रहने पर फसल में सड़न भी पैदा हो जाएगी। जिले में खतरे के निशान को गंगा अब पार कर चुकी हैं। गंगा का जलस्तर शुक्रवार की देर रात ही खतरे के निशाम 63.105 को पार कर गया। अभी भी रफ्तार बनी हुई है। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। दोपहर तक गंगा का जलस्तर 63.4 रहा। बढ़ते गंगा के जलस्तर के कारण कठवामोड का बाईपास पुल भी डूब गया जिससे आवागमन में भारी परेशानी देखने को मिली।






