तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ / महेन्द्रराज शुक्ल
कानपुर – उत्तर प्रदेश
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से एमएससी कर रहे अफगानिस्तान के छात्र की देखरेख बढ़ा दी गई है। दरअसल, मीडिया माध्यमों से सामने आ रही खबरों और वीडियो को देखने के बाद छात्र काफी डरा हुआ महसूस कर रहा है। हालांकि इस दौरान वह माता-पिता, भाई, बहन और रिश्तेदारों के संपर्क में है। उसकी देखभाल के लिए इंटरनेशनल हास्टल में केयर टेकर भी नियुक्त किया गया है। जबकि गेट को बंद कर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. आरपी सिंह और अन्य अधिकारी उसका हालचाल जानने के लिए सुबह और शाम हास्टल जा रहे हैं। छात्र के दो अन्य साथी कोरोना संक्रमण की पहली लहर के समय अपने देश चले गए थे।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से भारत और अफगानिस्तान कार्यक्रम के अंतर्गत अफगानिस्तान के तीन छात्र चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे हैं। मैदानवर्दक का सलीम एम.एस.सी (कृषि विज्ञान), हमदर्द एम.एस.सी (वनस्पति विज्ञान) और बीएससी कृषि के शम्स रहमान शामिल हैं। डा. आरपी सिंह ने बताया कि तीनों छात्र दूसरे वर्ष के हैं। हमदर्द और रहमान कोरोना संक्रमण की पहली लहर के समय घर अफगानिस्तान चले गए थे। शम्स का घर काबुल और हमदर्द रूस के बार्डर के पास रहता है। सलीम के मुताबिक घर में सब ठीक-ठाक है। सोमवार को परिवार वालों से बातचीत हुई थी। सलीम ने बताया कि पिता का बिजनेस है। कानपुर के विश्वविद्यालय में किसी तरह का कोई डर नहीं है। शिक्षक और अन्य स्टाफ ध्यान रख रहे हैं। जरूरत का सारा सामान मुहैया कराया जा रहा है। रविवार को शम्स से भी बातचीत हुई थी। छात्र सलीम ने सभी देशों से भावुक अपील भी की है। उसका कहना है कि- हमारा मुल्क संकट में हैं, मैं सभी देशों के अपील करता हूं कि हमारे मुल्क को बचाएं।





