अवैध खनन कर बालू का परिवहन कर रहे ट्रैक्टर को राजस्वकर्मियों की टीम ने दबोचा

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान / राहुल चन्दन

रजखड़ गढ़वार लौवा नदी से अवैध खनन कर दुद्धी की ओर परिवहन हो रहा था ट्रैक्टर

टीम को आने की भनक लगते ही अवैध खनन में लिप्त आधा दर्जन ट्रैक्टर हो गए नदी से फरार

दुद्धी/ सोनभद्र| आज बुधवार की तड़के सुबह राजस्वकर्मियों व लेखपालों की गश्त करती टीम ने दुद्धी -रेलवेस्टेशन – रजखड़ मार्ग के बीच अवैध बालू का परिवहन कर रहे ट्रैक्टर को दबोच लिया और ट्रैक्टर को कब्जे में लेते हुए तहसील मुख्यालय ले आये ,राजस्व कर्मियों ने इसकी सूचना तहसीलदार विकास कुमार पांडेय को दे दिया| राजस्व विभाग ट्रैक्टर को सीज करते हुए अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है| उधर राजस्वकर्मियों की टीम की आने की भनक लगते ही रजखड के खननकर्ताओं में हड़कंप मच गया और गढ़वार लौवा नदी में अवैध खनन में लिप्त आधे दर्जन ट्रैक्टर चालक भाग खड़े हुए |
उपजिलाधिकारी रमेश कुमार द्वारा अवैध खनन रोकने के लिए कुछ राजस्वकर्मियों व लेखपालों की गोपनीय टीम बनाई गई है जो अवैध खनन की सूचना पर गस्त पर लगा दिए जाते है ,इसी सक्रिय टीम को आज रेलवे स्टेशन रजखड़ की तरफ से दुद्धी की ओर आ रहे ट्रैक्टर को पकड़ने में सफलता हासिल हुई|
बता दे कि रजखड़ गांव के कथित आधे दर्जन खनन कर्ता रात्रि 12 बजे के बाद अवैध खनन का कार्य शुरू कर देते और रात भर लौवा नदी से खनन कर अपने काश्त से निकाला गया बालू कहकर बेख़ौफ़ उसकी ऊंचे दामों पर बेंच रहें हैं| वही पर्यावरण कार्यकर्ताओ का कहना है कि लौवा नदी के किनारे स्थित जिस जमीन को यह काश्त बताते हैं वह भूमि तीन दशक पूर्व नदी खाते में थी जिसे कुछ गांव के चालाक और चतुर ग्रामीणों द्वारा सर्वे सेटलमेंट के दौरान सर्वे में लगे कर्मियों व राजस्वकर्मियों से मेल जोल कर के अपने नाम उठवा ली है और अब पिछले 5 सालों से सारे नियमों को ताख पर रखकर बालू खोदकर बेंच रहें है जिससे सरकार करोड़ो रूपये राजस्व की क्षति बताई जा रही है|इनके गुर्गे खनन स्थल से रेलवे स्टेशन मोड, बढनीनला मोड़ ,दुमहान मोड़ और म्योरपुर तिराहा ,रेंज ऑफिस आदि जगहों पर तैनात रहते हैं जो अधिकारियों हर एक मूवमेंट की सूचना कार्य मे लगे लोगों को पहुँचा देंते हैं| पर्यावरण कार्यकर्ता उदयलाल रमेश ,प्रमोद ,जमुना आदि लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कर रजखड़ व दुमहान में पुराने नक्शे मिलान कर नदी की रकबे की पैमाइश करवाये जाने की मांग की है जिससे जलश्रोतों पर अवैध कब्जे को हटाए जाने की सरकार की मंशा को चरितार्थ किया जा सके|

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