परिजन करते रहे फोन खटखटाते रहे दरवाजा नहीं निकले डाक्टर
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सीएचसी पर प्रदर्शन
तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – उत्तर प्रदेश
बभनी/भाष्कर चतुर्वेदी
गुरुवार की रात डेढ़ बजे रात्रि में 108 एम्बुलेंस की मदद से सीएचसी बभनी पर मरीज लाया गया।परिजन डाक्टरों का फोन लगाते रहे और दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन कोई डाक्टर नही निकला। इलाज के अभाव में मरीज तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सीएचसी गेट पर किया प्रदर्शन किया।
जानकारी के अनुसार बबलू 28 पुत्र रामनाथ निवासी राजासरई थाना बभनी अपने घर पर कमरे में सो रहा था। रात्रि में करीब 12 बजे अचानक बबलू की तबीयत खराब हो गई और वह अपने पत्नी को जगाने लगा। पत्नी दुर्गावती ने अपने घर के लोगों को जगाया और तबीयत खराब होने की बात बताई। परिजनों ने तत्काल 108 पर डायल किया और एम्बुलेंस की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी लाया गया।डेढ़ बजे रात अस्पताल आने के बाद आपातकालीन सेवा में कोई डाक्टर नही था।परिजन डाक्टरों के दरवाजे को खटखटाते रहे फोन लगाते रहे लेकिन कोई डाक्टर मरीज देखने के लिए नहीं निकला।मरीज तड़प तड़प कर अस्पताल में दम तोड़ दिया। साढ़े पांच बजे डाक्टर बसंत अपने कमरे से बाहर निकले और मरीज देखने पहुंचे तब तक मरीज दम तोड़ चुका था।जब परिजनों ने डाक्टर से रात में न आने की बात कही तब डा बसंत ने कहा कि जहां चाहे शिकायत करो मेरा कुछ नहीं होगा। चिकित्सक के जबाव से क्षुब्ध तथा इलाज के अभाव में दम तोड़ने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी के गेट पर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।प्रदर्शन करने वाले दुर्गावती,सोनामती,राम चन्द्र,रामदेव,रामदास, रमेश,लक्ष्मण,राजेश्वर,राम अवतार, राम प्रसाद ने नारे बाजी की।जब इस संदर्भ में अधीक्षक डा गिरधारी लाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मै अवकाश पर हूं अस्पताल में डॉक्टर को बोला गया है।






