तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान
दुद्धी – सोनभद्र
स्थानीय तहसील मुख्यालय पर स्थित एक मात्र राजकीय डिग्री कॉलेज में मंगलवार को छात्रों ने जमकर हंगामा करते हुए नारेबाजी किया।मंगलवार को जैसे ही वेटिंग छात्रों का काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हुई तो सीट से अधिक छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा जबकि कॉलेज प्रशासन के अनुसार मात्र 85 सीटों पर काउंसिलिंग होनी थी लेकिन मौके पर सैकड़ों छात्र/छात्राएं पहुँच हंगामा करने लगे।हंगामा बढ़ते देख कॉलेज प्रशासन ने गेट बंद करवा कर कोतवाली पुलिस को सूचना दी।कॉलेज प्रशासन ने जैसे ही गेट बंद करवाया तो छात्र आक्रोशित होकर गेट के पास जमकर हंगामा करते हुए कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट पर ही धरने पर बैठ गए और सीट वृद्धि की मांग करने लगे। आक्रोशित छात्रों ने मेन गेट पर लगे चैनल पर जमकर गुस्सा निकाला जिससे चैनल का छड़ डैमेज हो गया।मामला बढ़ता देख कोतवाल राघवेन्द्र सिंह व एसएसआई बालेन्द्र यादव मयफोर्स के साथ कॉलेज पहुँचे और हंगामा कर रहे छात्रों को खदेड़ कर गेट खाली करवाया।इसके बाद प्राचार्य डॉ नीलांजन मजूमदार ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से सीट वृद्धि के पत्र लिखा जा रहा है जैसे ही सीट वृद्धि की आदेश मिलती हैं तो बचे हुए छात्रों का एडमिशन किया जाएगा।
कॉलेज के परीक्षा प्रभारी डॉक्टर रामसेवक यादव ने बताया कि दुद्धी डिग्री कॉलेज में बी ए पाठ्यक्रम हेतु 420 सीट निर्धारित है जबकि लगभग 10 35 छात्रों ने आवेदन पत्र भरा है।इसलिए लगभग आधे छात्र प्रवेश से वंचित हो सकते हैं।जबकि कोविड के कारण इस वर्ष सभी छात्रों को प्रमोट कर पास कर दिया गया है ऐसे में डिग्री कॉलेज में प्रवेश को लेकर एक बड़ी समस्या खड़ी हो जा रही हैं। उन्होंने बताया कि b.a. में 420 सीटों पर प्रवेश हो चुका है बीएससी मैथ मैं 48 आवेदन आए थे जिस पर 60 छात्रों का प्रवेश हो चुका है बीएससी बायो ग्रुप में 114 आवेदन प्रवेश के लिए आए थे जिसमें साथ छात्रों का प्रवेश हो चुका है बीएससी. में 120 सीटें निर्धारित है वही बीकॉम में 110 प्रवेश के लिए आवेदन आए थे जिसमें 78 छात्रों का प्रवेश हो चुका है
उधर छात्र नेताओं का कहना है कि कॉलेज प्रशासन की सुचारू व्यवस्था न होने के कारण हर साल एडमिशन के समय बवाल होता है फिर कॉलेज प्रशासन प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं जिससे सैकड़ो छात्रों का भविष्य अधर में लटक जा रहा है।छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सीट वृद्धि की मांग की है।कहा कि अगर सीट वृद्धि नही होती हैं तो छात्र मजबूर होकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।






