पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा से गंगा कटरी के गांव पानी पानी प्रशासनिक अकर्मण्यता से गांवों की हालत बद से बदतर

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ –

उन्नाव ब्यूरो महेंद्र राज शुक्ल

यूं तो दैवीय आपदा कभी भी कहीं भी और किसी भी क्षेत्र में हो सकते हैं पर उस पर प्रशासनिक अकर्मण्यता सरकार की मंसा पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।
ऐसा ही कुछ माहौल देखने को मिला उन्नाव जनपद के बीघपुर तहसील के कटरी क्षेत्रों मे।ग्रामीणों की चीख पुकार पर बुधवार को पहुँची तेज एक्स्प्रेस न्यूज़ टीम किया स्थलीय निरीक्षण़।
उल्लेखनीय है कि पाँच दिन पूर्व पहाड़ों पर हुई वर्षा के कारण़ गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है व कटरी के किनारे बसे गाँवों की स्थिति दयनीय हैं।
ग्राम सभा दिग्विजय पुर के सभी मजरे लगभग पूरी तरह जलमग्न हो चुके है।मौके पर पहुँची मीडिया टीम को प्रधान प्रतिनिधि रावेन्द्र सिंह (लल्लन)ने बताया कि मजरा पसइयाँ खेडा़ के तकरीबन 45 घर पूर्ण रूपेंण जलमग्न है।खेंतों मे खड़ी फसल बह चुकी है।बचाव कार्य मे लगे ग्रामीणों के साथ प्रधान प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि सभी स्थानीय राजस्व अधिकारियों का आगमन तो हुआ है पर बचाव हेतु कोई विशेष प्रयास नही किये गये हैं और निवासी भय की जद में जी रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय लेखपाल आनंद से टेलीफोनिक वार्ता पर उन्होने बताया कि सिर्फ एक घर पानी से डूबा हुआ है व सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
वहीं दूसरी ओर ग्रामींणों का कहना है कि बचाव कार्य मे सिर्फ एक नौका लगी है वह भी निजी है।इस बाबत जब ग्रामींणों ने पंचायत सेकेट्री सतीश चंद्र से बात की तो उनका जवाब था कि नाव के लिए बजट नहीं है।ग्राम वासियों के अनुसार क्षेत्रीय लेखपाल का भी यह कहना है कि किसी से भी कह लो कुछ नहीं होने वाला।
सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2010 मे ऐसी ही बाढ़ आई थी पर तब से अब तक इस आपदा से निपटने को कोई कारगर प्रयास नहीं किए गये।तेज एक्सप्रेस से वार्ता मे प्रधान समेत पूर्वी,शिव शंकर,शिव बहादुर,गोपाल आदि तकरीबन आधा सैकड़ा ग्रामींण़ मौजूद रहे।

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