तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान
दुद्धी – सोनभद्र
कार्तिक मास में आस्था का प्रतीक महापर्व चारदिवसीय छठ पूजा के दूसरे दिन छठ व्रती माताओं ने खरना का व्रत रखा ,आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना मनाया गया ,खरना में दिन भर व्रत के बाद व्रती महिलाएं रात को पूजा के बाद गुड़ से बनी खीर खाकर उसके बाद से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू कर दिया|
खरना को लोहंडा भी कहती हैं. छठ पर्व में इस दिन का विशेष महत्व होता है. नहाय-खाय वाले दिन घर को पवित्र कर व्रती महिलाओं ने खरना की तैयारी की, सुबह व्रती स्नान ध्यान करके पूरे दिन का व्रत रखा. आज के ही दिन अगले दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए प्रसाद भी पूरे आस्था व मनोभाव से बनाया गया | शाम को पूजा के लिए गुड़ से बनी खीर बनाई गयी ,इस प्रसाद को मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी से आग जलाकर बनाया गया|गुड़ से बने खीर को ख़ाकर व्रती माताओं ने आज रात्रि से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू किया | उधर पूरे दिन विभिन्न संगठनों के लोगों ने छठ घाटों की साफ सफाई के साथ धुलाई की , तालाब व सरोवरों में जमे घासों की कटाई व छटाई हुई|वहीं छठ के सुप को रखने के लिए परिजन छठ घाटों पर वेदी बनाते दिखे|






