तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
गाजीपुर। बहुजन समाज पार्टी ने पूर्व विधायक राजकुमार सिंह गौतम पर एक बार फिर दांव लगाकर अपने सोशल इंजीनियरिंग के तरकस से अचूक बाण चलाया है। इस बाण से भाजपा और सपा प्रमुख दलों में हलचल मच गयी है। राजकुमार सिंह गौतम के आने से सदर विधानसभा का सियासी पारा गरम हो गया है। गांव-गांव के चट्टियों पर नगर मुख्यालय पर भी अब एक ही बात की चर्चा हो रही है कि राजकुमार सिंह गौतम भाजपा व सपा को कितना नुकसान पहुंचाएंगे। भाजपा ने सदर विधानसभा में बैकवर्ड प्लस फारवर्ड के गठजोड़ पर अपनी नईया पार कराने में लगी थी। वहीं सपा में राजपूत नेता भी टिकट के अंतिम चक्र में पहुंच गये थे। बसपा के इस दांव से दोनों दलों के नेताओं में हलचल मच गयी है। दोनों दलों के राजनीतिक परोधा डैमेज कंट्रोल का अध्ययन कर रहे हैं। 2017 में भाजपा ने डा. संगीता बलवंत, सपा ने राजेश कुशवाहा, और बसपा ने संतोष यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था। तीनों प्रमुख दलों ने बैकवर्ड बिरादरी पर दांव लगाया था। भाजपा की संगीता बलवंत को सवर्णो का आशीर्वाद मिला और वह ऐतिहासिक मतों से विजय प्राप्त किया। भाजपा ने बैकवर्ड पावर को समझते हुए संगीता बलवंत को राज्यमंत्री बना दिया। सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था कि ऐसे में बसपा ने सियासी तड़का लगाते हुए राजकुमार सिंह गौतम को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। समाजवादी पार्टी के दिग्गज बदलते हुए घटनाचक्र पर ध्यान लगाये हुए हैं। अब देखते है कि आने वालें दिनों में सपा किस पर दांव लगाती है।






