तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता
शुत्र पर विजय प्राप्त करने के लिए कुछ सिद्ध टोटका
बजरंगबली की आराधनाः दुश्मन को परास्त करने वाले बजरंग बली की असाधारण ताकत से कौन परिचित नहीं है। उनकी नियमित आराधना और हनुमान वाण का नियमित पाठ करने से शत्रु के हानिकारक प्रभाव को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। इस पाठ को प्रतिदिन सात बार स्नान के बाद किया जाना चाहिए, लेकिन शुरूआत मंगलवार से करें। उसके बाद लड्डू का भोग लगाते हुए बजरंग बली से शत्रु से मुक्ति की प्रार्थना करें।
लौंग और कपूरः बहुत ही साधारण टोटका लौंग के साथ करें। पांच लौंग लें। उसे कपूर के साथ मिला दें। उसे दैनिक पूजा-पाठ के समय आरती की थाली या छोटे से पात्र में जलाएं। लौंग के जलने के बाद बचे भष्म से घर से बाहर निकलते समय तिलक लगाएं और शत्रु पर जीत की मनोकामना करें। साथ ही गायत्री मंत्र का मन ही मन में पांच बार जाप कर लें। मंत्र हैः- ऊँ भुभुर्व स्व तत्स वितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धी मही धीयो यो न प्रचोदयात स्वाह!!
सात लौंगः दुश्मन के मारक प्रभाव को खत्म करने के लिए सात ही काफी हैं। शनिवार की रात को सात लौंग लें और शत्रु का नाम लेते हुए 21 बार फूंक मारें। दूसरे दिन यानी रविवार की प्रातः उसे जला डालें। उसके बाद यह प्रक्रिया लगतार सात दिनों तक यानी कि अगले रविवार तक दुहराएं। हर दिन लौंग के भस्म होने के साथ-साथ शत्रु की दुश्मनी भी भस्म होती चली जाएगी।
भोजपत्र का प्रयोगः एक भोजपत्र लें। उसके नहीं मिलनेपर पीपल या बरगद के पीले पत्ते का भी उपयोग कर सकते हैं। उसपर लाल चंदन से शत्रु का नाम लिखें और रोल करते हुए मोड़ें। उसे शहद भरी शीशी में डूबाकर रख दें। इस टोटके का प्रभाव शत्रुता कम होने के रूप में कुछ समय बाद ही दिखेगा।
चावल के दानेः शत्रु पर शमन पाने के लिए साबूत चावल के 40 दानों के साथ काली दाल के 38 दानों को मिला दें। उन्हें किसी गड्ढे में दबा दें। उसके ऊपर नींबू का रस निचोड़ डालें। नींबू निचोड़ते समय शत्रु के नाम का स्मरण करें। इससे शत्रु परास्त होकर पराजित हो जाएगा। इस टोटके को मंगलवार या शनिवार को करें
मोर के पंखः एक मोर का पखं लें। उसपर शनिवार या मंगलवार की रात को भगवान हनुमान के सिर पर चढ़े सिंदूर से दुश्मन का नाम लिखें और पूजा के स्थान पर रख दें। अगली सुबह सूर्योदय से पहले स्नान के बाद उसकी पूजा करें और नदी के बहते पानी में प्रवाहित कर दें। इसके प्रवाह के साथ ही शत्रु की शत्रुता प्रवाहित हो जाएगी।
नींबू का प्रयोगः यदि दुश्मन आपको लगातार बाधा डाल रहा हो तब आ नींबू के प्रयोग से उसे शांत कर सकते हैं। सूर्योदय से पहले नींबू को चार हिस्से में काट लें। उन्हें हाथ में लेकर अपने इष्टदेख् को स्मरण करें। उसके बाद गायत्री मेंत्र का 11 बार जाप करें। इसके साथ ही अपने सुखद और शांतिमय दिन गुजरने की कामना करें। प्रार्थना पूरी होने के बाद नींबू के टुकड़े को किसी खुले स्थान पर जाकर चारों दिशाओं में फेंक दें। इस कार्य को लोगों से नजर बचाकर करें।
मंत्र जापः शत्रु द्वारा तंग किए जाने की स्थिति में उसके प्रभाव को मंत्र जाप से खत्म कर सकते हैं। नीचे दिए गए मंत्र को सूर्योदय से पहले श्रद्ध और भक्ति भाव के साथ 108 बार जाप करें और अपने इष्टदेव से शत्रुता के प्रभाव को खत्म करने की मनोकामना करें। यह मंत्र काफी प्रभावशाली असर दिखाता है अैर शत्रु कभी भी दोबार षड्यंत्र नहीं रच पाता है। यहां तक कि वह दोस्ती का हाथ बढ़ा देता है। इसके लिए मां काली की आराधना करनी होती है। मंत्र हैः- नृसिंहाय विद्महे वज्र नखाए धी महि तन्नो नृसिंह प्रचोदयात्!!
स्त्री शत्रुः यदि दुश्मन कोई स्त्री है तो उसकी शत्रुता को सिंदूर, लाल चंदन, कंगनी, छोटी इलायची और ककड़सिंगी से धूप बत्ती बनाकर करें। शत्रु स्त्री के नाम लेते हुए प्रतिदिन प्रातः धूप बत्ती को जलाएं।





