तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। विकासखंड नगवां के पहाड़ी क्षेत्र स्थित चौरा गांव में पनौरा मैन रोड से चौरा तक लगभग छह किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारी और ठेकेदार निर्माण मानकों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे सड़क की मजबूती और स्थायित्व पर संशय बना हुआ है।ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में थी। लंबे समय बाद सरकार व विभाग की नजर इस पर पड़ी तो लोगों में राहत की उम्मीद जगी, लेकिन निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता देखकर अब ग्रामीणों में मायूसी छा गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण में हल्की गिट्टी और कम मात्रा में तारकोल का प्रयोग किया जा रहा है। यही नहीं, सड़क के दोनों किनारों पर बनाई जाने वाली पटरियां भी पूरी तरह गायब हैं। पटरियों की जगह खरपतवार और घास-फूस का अंबार लगा हुआ है, जिन्हें साफ किए बिना ही सड़क निर्माण जारी है।स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सड़क पर जम चुकी मोटी धूल को ठीक से साफ किए बिना केवल हल्का झाड़ू लगाकर उस पर गिट्टी और तारकोल की परत चढ़ाई जा रही है। इससे आने वाले कुछ महीनों में सड़क के उखड़ने की संभावना प्रबल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहाड़ी क्षेत्र और अशिक्षा का लाभ उठाकर विभागीय अधिकारी व ठेकेदार सरकारी धन की बंदरबांट में लगे हैं।इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) पी.के. चौधरी से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से सड़क निर्माण कार्य की जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर विभाग द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन करने को विवश होंगे।






