मंत्री संजीव गौड़ और डीएम बीएन सिंह ने लगाए दर्जनों पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संकल्प

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र जिले के ग्राम जुगैल पंचायत भवन में आज पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने वाली अनोखी ‘ग्रीन चौपाल’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री संजीव गौड़ और जिलाधिकारी बीएन सिंह ने पंचायत परिसर में बड़े उत्साह के साथ दर्जनों पौधे रोपे। उपस्थित अधिकारियों, ग्रामीणों और बच्चों की भारी भीड़ के बीच यह कार्यक्रम पर्यावरण प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत होते ही मंत्री संजीव गौड़ ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि “वनों की रक्षा ही हमारी धरती को बचाने का सबसे बड़ा हथियार है। सोनभद्र जैसे खनिज समृद्ध जिले में वृक्षारोपण अभियान को जन-आंदोलन बनाना होगा।” उन्होंने जुगैल पंचायत को ‘ग्रीन विलेज’ बनाने का ऐलान किया और ग्रामीणों से हर घर में कम से कम 10 पौधे लगाने का आह्वान किया। डीएम बीएन सिंह ने भी जोर देकर कहा कि “जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में हर नागरिक सिपाही बने। हमारा प्रशासन हर पौधे की देखभाल सुनिश्चित करेगा।”पौधरोपण में उत्साह की झड़ीपंचायत भवन परिसर में नीम, पीपल, बरगद, आम और फलदार पौधों समेत 200 से अधिक पौधे रोपे गए। मंत्री महोदय ने स्वयं कुदाल हाथ में लेकर पहला पौधा लगाया, जिसके बाद डीएम, एसपी, सीडीओ सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने जमकर भाग लिया। ग्रामीण बच्चे और महिलाएं भी इस ‘हरा अभियान’ में कूद पड़े। कार्यक्रम में वन विभाग द्वारा वितरित ड्रिप इरिगेशन किट्स ने ग्रामीणों को पौधों की देखभाल का नया तरीका सिखाया।स्थानीय सरपंच श्रीमती राधा देवी ने बताया कि “यह चौपाल हमारे गांव के लिए वरदान साबित होगी। पहले सूखे की मार झेलने वाले जुगैल अब हरा-भरा बनेगा।” वहीं, एक ग्रामीण युवा ने कहा, “मंत्री जी का आना हमें नई ऊर्जा दे गया है। हम नियमित रूप से पौधरोपण करेंगे।”बड़े ऐलान: ग्रीन चौपाल का विस्तार मंत्री संजीव गौड़ ने घोषणा की कि सोनभद्र की सभी 2259 पंचायतों में इसी तरह ‘ग्रीन चौपाल’ आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक पंचायत को 500 पौधे और 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। डीएम श्री सिंह ने जिला स्तरीय ‘वन महोत्सव’ की रूपरेखा भी साझा की, जिसमें स्कूलों और कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में सीडीओ, डीएफओ, बीडीओ और अन्य अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे गया, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बना। सोनभद्र अब ग्रीन रेवोल्यूशन की राह पर अग्रसर है!

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