अवैध बालू खनन से नदी तट दहल उठा, NGT नियमों की उड़ रही धज्जियां अगोरी खास में ‘न्यू इंडिया मिनरल्स’ कंपनी बेखौफ

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र के ओबरा तहसील के अंतर्गत आने वाले अगोरी खास क्षेत्र में अवैध बालू खनन को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक न्यू इंडिया मिनरल्स कंपनी खुलेआम NGT के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए भारी मशीनों से धड़ल्ले से बालू की कटाई कर रही है। हालात ये हैं कि नियम-कानून, प्रशासन और पर्यावरण—तीनों को दरकिनार कर कंपनी का खनन का खेल दिन-रात जारी है।

*नदी में भारी मशीनें, गहराई बनी मौत का कुआँ*

स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी द्वारा नदी के बीचों-बीच बड़े पैमाने पर JCB और पोकलैंड मशीनों से खुदाई की जा रही है, जिसके कारण नदी में कई जगहों पर अत्यधिक गहराई बन गई है।यह गहराई किसी भी वक्त बड़ा हादसा करा सकती है

नदी में रहने वाली मछलियों समेत अन्य जलीय जीवों का जीवन खतरे में,आसपास के ग्रामीण इलाकों में पशु पानी पीने आते हैं, उनके लिए भी ये गड्ढे जानलेवा,

और सबसे बड़ा खतरा—आदिवासी समुदाय के लोग जो रोज़ नदी में नहाने, पानी भरने आते हैं।इन गहराइयों में फिसलकर गिरने से किसी की भी जान जा सकती है।

एक ग्रामीण ने बताया—“बड़े-बड़े गड्ढों में पानी का बहाव तेज़ हो जाता है, बच्चे और बुज़ुर्ग फंस जाते हैं। हम रोज़ डर के साए में जी रहे हैं।”

*राजस्व चोरी का बड़ा खेल!*

न्यू इंडिया मिनरल्स कंपनी पर न सिर्फ पर्यावरण नियमों के उल्लंघन, बल्कि बड़े पैमाने पर राजस्व चोरी के भी आरोप लगे हैं।सूत्रों के अनुसार—मशीनों से तेज़ी से खनन कर सरकारी दरों से कई गुना अधिक बालू निकाला जा रहा है।लेकिन खनन की असली मात्रा को रिकॉर्ड में नहीं दिखाया जाता।परिणाम—सरकार को करोड़ों का नुकसान, और कंपनी की जेब भर रही है।

ग्रामीणों में उबाल—“हमारी नदी छीन रहे हैं!”

अगोरी खास और आसपास के गांवों के लोग आक्रोशित हैं।
उनका कहना है
“हमारी जिंदगी, हमारी नदी और हमारा पर्यावरण सब खतरे में डाल दिया गया है।”

“कंपनी को रोका नहीं गया तो नदी कभी भी विनाशकारी रूप ले सकती है।”“प्रशासन को पता है पर कार्रवाई नहीं हो रही।”
NGT के नियम साफ कहते हैंनदी में 10 फीट से अधिक गहराई में मशीन से खुदाई पूरी तरह प्रतिबंधित।रात में खनन पूरी तरह गैरकानूनी।नदी के किनारे बसे गांवों में दूरी, शोर और धूल को लेकर सख्त निर्देश।

लेकिन अगोरी खास में—मशीनें 24 घंटे गरज रही हैं। नदी का प्राकृतिक प्रवाह बिगड़ रहा है। पर्यावरण और जनजीवन संकट में है।

*प्रशासन से कार्रवाई की मांग*

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि—तुरंत अवैध खनन बंद कराया जाए।कंपनी पर सख्त कार्रवाई हो।नुकसान की भरपाई कराई जाए।नदी की गहराई की वैज्ञानिक जांच कराई जाए।पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

*‘खनन माफिया’ बनाम ‘नदी और जीवन’*

अगोरी खास में जो कुछ हो रहा है, वह सिर्फ अवैध खनन नहीं—
ये नदी से, पर्यावरण से और इंसानों के जीवन से खिलवाड़ है।
अगर ये खेल जल्द नहीं रुका तो आने वाले महीनों में यहां बड़ा हादसा या पर्यावरणीय त्रासदी से इंकार नहीं किया जा सकता।

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