तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोनभद्र पुलिस, एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने ड्रग माफिया एवं कफ सीरप तस्करी में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि टीम ने कोलकाता से कफ सीरप तस्करी के मास्टर माइंड भोला प्रसाद जायसवाल (पुत्र रामदयाल, वाराणसी) को न्यायालय के आदेश पर चार दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर रांची ले गई।रांची में की गई जांच के दौरान 17 दिसंबर को सत्यम कुमार (पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, वाराणसी, आयु 28 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सत्यम ने खुलासा किया कि उसने “माँ कृपा मेडिकल” के नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सोनभद्र औषधि विभाग से ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया था। इस फर्जी फर्म के माध्यम से शैली ट्रेडर्स (रांची) से लगभग 6 करोड़ रुपये का फेन्साडिल कफ सीरप कागजों पर खरीदा गया। फिर फर्जी फर्मों आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल, दिलीप मेडिकल के नाम से बिक्री दिखाकर धनराशि को रोटेट किया गया। वास्तव में कोई सीरप का परिवहन नहीं हुआ।सत्यम ने आगे बताया कि उसके बुआ के लड़के रवि गुप्ता और भाई विजय गुप्ता ने “माँ कृपा मेडिकल” और “शिविक्षा फार्मा” स्थापित कर फर्जी लाइसेंस प्राप्त किए थे। इस फर्जीवाड़े में कुल लगभग 12 करोड़ रुपये की कागजी लेन-देन हुई।पिछले महीनों में सोनभद्र में 1,19,675 शीशी (मूल्य 3.5 करोड़ रुपये), रांची में 13,400 शीशी और कुल 3.40 करोड़ रुपये कीमत का कफ सीरप बरामद किया जा चुका है। इस गिरफ्तारी में निरीक्षक सदानंद राय, प्रणय प्रषून श्रीवास्तव, माधव सिंह, राजेश चौबे, रमेश कुमार और शिवम सिंह शामिल रहे।पुलिस ने इस प्रकरण में आगे की जांच जारी रखी है तथा अन्य सह-अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी है। यह कार्रवाई नशीली दवाओं की तस्करी पर लगाम कसने में मील का पत्थर साबित हो रही है।






