तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र – उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश और जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के आदेश पर आज जिला कारागार, सोनभद्र में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जेल का निरीक्षण, महिला बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर और मासिक जेल लोक अदालत का सफल आयोजन हुआ। अपर जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र यादव ने इस पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।निरीक्षण के समय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक यादव, जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र, जेलर अरविंद कुमार सिन्हा, उप कारापाल गौरव कुमार, शशांक पटेल व जय प्रकाश तथा असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल सोनभद्र के सदस्य मौजूद रहे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कारागार में बंदियों को त्वरित न्याय प्रदान करना और उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराना था, जो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की नियमित पहल का हिस्सा है।मासिक जेल लोक अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक यादव द्वारा कुल आठ मामले चिन्हित किए गए थे। इनमें से चार अभियुक्तों ने जुर्म स्वीकार कर अपने मामलों का निपटारा कराया। अंततः दो मुकदमे पूर्ण रूप से निस्तारित हो गए, जिससे दो बंदी न्याय की प्रक्रिया से लाभान्वित हुए। यह कदम न केवल जेल में लंबित मामलों को कम करने में सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि बंदियों के परिवारों को भी राहत प्रदान की।कार्यक्रम के दौरान सिद्धदोष बंदियों से व्यक्तिगत बातचीत की गई। उनकी अपीलों और मुकदमों की जानकारी ली गई। विशेष निर्देश दिए गए कि जिन बंदियों के पास निजी वकील रखने की आर्थिक क्षमता नहीं है, उनके लिए निःशुल्क अधिवक्ता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जेलर को आदेश दिया गया कि ऐसे बंदियों के प्रार्थना पत्र एकत्र कर संबंधित न्यायालय या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमों के अनुसार प्रस्तुत करें। महिला बंदियों के लिए आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और सुधार प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई।यह आयोजन सोनभद्र जिले में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जेल लोक अदालत जैसी पहलों से न केवल मामलों का शीघ्र निपटारा होता है, बल्कि बंदियों में कानूनी जागरूकता भी बढ़ती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लगातार ऐसी गतिविधियों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को न्याय का द्वार खोलने का प्रयास कर रहा है। आने वाले महीनों में भी ऐसी लोक अदालतों का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे जेलों में बंदियों की संख्या में कमी आएगी।(शैलेंद्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र)






