Excluciv – इंस्टाग्राम दोस्ती बनी जिंदगी का सबसे बड़ा धोखा, सोनभद्र पुलिस ने राजस्थान से दबोचा शातिर आरोपी

तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र।सोशल मीडिया के चमकते चेहरे के पीछे छिपे अपराध के अंधेरे सच को उजागर करते हुए सोनभद्र पुलिस ने एक सनसनीखेज साइबर अपराध का खुलासा किया है। इंस्टाग्राम के जरिए एक युवती से मित्रता कर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दुरुपयोग करते हुए फर्जी व आपत्तिजनक फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने, शादी के लिए रखे गए जेवरात हड़पने और लगातार धमकी देकर और अधिक धन व आभूषण मांगने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है।प्राप्त शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देश पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई। मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाना सोनभद्र पर मु0अ0सं0–13/2025 अंतर्गत धारा 318(4), 308(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

*AI तकनीक से रची गई ब्लैकमेलिंग की साजिश*

जांच में सामने आया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता से संपर्क स्थापित किया। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पीड़िता की फर्जी/आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कीं और उन्हीं तस्वीरों के आधार पर मानसिक उत्पीड़न व ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू कर दिया। आरोपी ने पीड़िता से शादी के लिए रखे गए जेवरात हड़प लिए और लगातार धमकी देकर और अधिक जेवर व धनराशि की मांग करता रहा।चौंकाने वाली बात यह रही कि पीड़िता की शादी हो जाने के बावजूद आरोपी ब्लैकमेलिंग से बाज नहीं आया और फर्जी फोटो के सहारे मानसिक प्रताड़ना देता रहा।अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु साइबर क्राइम थाना सोनभद्र के निरीक्षक डी.के. चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान में दबिश देकर अभियुक्त वाशिम खान पुत्र नबाब खान, निवासी सांगानेर, राजस्थान को करीमनगर, जयपुर से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से उत्पीड़न में प्रयुक्त एप्पल मोबाइल फोन सहित अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें साइबर अपराध से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।इस कार्रवाई से साफ है कि सोनभद्र पुलिस साइबर अपराध, विशेषकर महिलाओं के विरुद्ध किए जा रहे डिजिटल उत्पीड़न और AI तकनीक के दुरुपयोग को लेकर पूरी तरह सतर्क और सख्त है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और तकनीक के जरिए अपराध करने वालों तक कानून का शिकंजा जरूर पहुंचेगा।फिलहाल प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है और अन्य संभावित पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम।निरीक्षक डी.के. चौधरी, साइबर क्राइम पुलिस थाना, जनपद सोनभद्र।उ0नि0 धर्मनाथ यादव, साइबर क्राइम पुलिस थाना, जनपद सोनभद्र।का0 योगेश यादव, साइबर क्राइम पुलिस थाना, जनपद सोनभद्र।का0 अखिलेश यादव, साइबर क्राइम पुलिस थाना, जनपद सोनभद्र।यह मामला न सिर्फ एक अपराध की कहानी है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है—सोशल मीडिया पर अंधे विश्वास और AI तकनीक के गलत इस्तेमाल से कैसे जिंदगी तबाह की जा सकती है।

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