सड़क हादसे ने उजाड़ा पूरा परिवार, इलाज में लापरवाही का आरोप

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तेज एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी

सोनभद्र कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा पंचायत अंतर्गत टोला मधुरी गांव निवासी 24 वर्षीय अर्जुन पुत्र रामप्रित की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मोटरसाइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल अर्जुन ने गुरुवार को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जैसे ही अर्जुन की मौत की खबर गांव पहुंची, पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार अर्जुन अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। इससे पूर्व परिवार के तीन भाइयों की असमय मौत हो चुकी थी, जिसके बाद अर्जुन ही माता-पिता, बहन और अन्य परिजनों का एकमात्र सहारा बन गया था। उसकी मौत के साथ ही एक पूरा परिवार अंधकार में डूब गया है और जीवनयापन का कोई साधन शेष नहीं बचा है।
इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप घटना को लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजनारायण भारती ने जिला मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज की बड़ी आबादी निवास करती है, लेकिन इसके बावजूद बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का घोर अभाव है। यदि अर्जुन को समय रहते समुचित और सही इलाज मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
मृतक की बहन सुशीला ने भी अस्पताल के चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाज में लापरवाही के कारण उनके भाई की जान चली गई। उन्होंने बताया कि इलाज के खर्च ने परिवार की कमर तोड़ दी है। आर्थिक तंगी के चलते परिवार अपनी जमीन तक बेच चुका है और अब उनके पास रहने के लिए केवल एक जर्जर खपड़ैल मकान ही बचा है।
आर्थिक बदहाली, सरकारी योजनाओं से वंचित परिवार
परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय है। सरकारी सहायता के नाम पर सिर्फ मां के नाम राशन कार्ड है। न तो वृद्धावस्था पेंशन, न विधवा पेंशन और न ही किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ परिवार को मिल पाया है। आठ सदस्यों वाले इस परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।
शासन-प्रशासन से मदद की अपील
परिजनों ने शासन-प्रशासन एवं समाजसेवी संगठनों से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है, ताकि परिवार का जीवन किसी तरह आगे बढ़ सके। गांव के लोग भी इस हृदयविदारक घटना से आहत हैं और पीड़ित परिवार के लिए सहायता की मांग कर रहे हैं।
इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजनारायण भारती ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपनी ओर से आर्थिक सहयोग प्रदान किया और समाज के सक्षम लोगों से आगे आकर मदद करने की अपील की। वहीं कुंडला ग्राम प्रधान सुजीत यादव उर्फ बुल्लू ने भी पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।अर्जुन की असमय मौत ने न सिर्फ एक युवा जीवन को छीन लिया, बल्कि एक पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन-प्रशासन इस पीड़ित परिवार की मदद के लिए कब और क्या ठोस कदम उठाता है।

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