शिक्षा विभाग की आँखों पर पट्टी अवैध विद्यालयों का फैला माया जाल

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तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – विजय सोनी

जनपद में महज 45 विद्यालय चिन्हित होने पर उठे सवाल

बीजपुर(सोनभद्र)जनपद में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।विभाग ने समूचे जिले भर के महज 45 अवैध विद्यालयों को नोटिस जारी कर अपनी कागजी खानापूर्ति तो कर ली लेकिन जमीनी हकीकत इससे कहीं ज्यादा भयावह है।अकेले म्योरपुर ब्लॉक की बात करें तो यहाँ 70 से अधिक अवैध विद्यालय और कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं जो नौनिहालों के भविष्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ कर रहे हैं।जिले में शिक्षा के नाम पर चल रहे इस गोरखधंधे का आलम यह है कि कई विद्यालयों के पास केवल प्राइमरी कक्षा तक की मान्यता है लेकिन वहाँ कक्षा 12 वीं तक का संचालन किया जा रहा है।जरहा न्याय पंचायत में कई विद्यालय बिना किसी वैध मान्यता के ही मानक के विपरीत बनाए कमरों में चल रहे हैं।कुछ स्थानों पर तो कोचिंग सेंटरों की आड़ में बाकायदा स्कूल चलाए जा रहे हैं।चेतवा और पिंडारी जैसे क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है।यहाँ टीन शेड की छतों के नीचे बिना किसी बुनियादी सुविधा के इंटर कालेज तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं।इन छोटे अवैध स्कूलों को कुछ रसूखदार मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेजों से अटैच कर दिया गया है।कागजों पर बच्चे बड़े कॉलेजों में नामांकित दिखाए जाते हैं जबकि वास्तविकता में इन्हीं अवैध संस्थानों में घटिया स्तर की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।इस पूरी प्रक्रिया में अभिभावकों और छात्रों का आर्थिक व मानसिक शोषण चरम पर है।जिले के सभ्रांत नागरिकों ने शिक्षा विभाग की कड़ी आलोचना करते हुए इसे विभाग की मिलीभगत करार दिया है।लोगों का कहना है कि विभाग को पूरे जिले में केवल 45 स्कूल ही अवैध दिख रहे हैं जबकि हकीकत में इनकी संख्या 500 के पार है।यह महज कोरम पूरा करने जैसी कार्रवाई है ताकि ऊपर के अधिकारियों को गुमराह किया जा सके और नीचे से पूर्व की भाँति संरक्षण और सेटिंग मिलता रहे।अकेले म्योरपुर ब्लॉक में 70 से अधिक अवैध विद्यालयों का संचालन हो रहा है जहाँ टीन शेड के नीचे बच्चों की जान जोखिम में डालकर कक्षाएं चल रही है।नोटिस की प्रक्रिया को लोगो ने बताया गया महज दिखावा है।अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इन आंकड़ों की बाजीगरी से बाहर निकलकर क्या वास्तव में इन शिक्षा माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या मासूमों का भविष्य इसी तरह दांव पर लगा रहेगा।

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