तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
सोनभद्र। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम-राहत (PM-RAHAT) योजना अब सोनभद्र जनपद में भी प्रभावी रूप से संचालित होने लगी है। जिले के पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल में सड़क हादसों के घायलों को “गोल्डन आवर” के दौरान निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे के भीतर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है।
योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के बाद सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक स्थिरीकरण (स्टेबलाइजेशन) और आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
इसी क्रम में घोरावल क्षेत्र के एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 16 वर्षीय अनिल कुमार का उपचार पंचशील मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल में पीएम-राहत योजना के तहत किया जा रहा है। घायल किशोर को समय रहते अस्पताल पहुंचाने में ग्राम प्रधान अरविंद निषाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने उनकी तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर सहायता मिलने से घायल की जान बचाने में मदद मिली।
मामले की जानकारी मिलने पर यातायात क्षेत्राधिकारी डॉ. चारू द्विवेदी सहित अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायल का हालचाल जाना तथा उपचार व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डॉ. चारू द्विवेदी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के लिए गोल्डन आवर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान उचित चिकित्सा सुविधा मिलने से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सड़क हादसा देखने पर घायल को तत्काल नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में 112 हेल्पलाइन के माध्यम से एंबुलेंस एवं अन्य आवश्यक सहायता प्राप्त की जा सकती है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती घंटे में उपचार मिलने से गंभीर चोटों से होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है। पीएम-राहत योजना इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर लागू की गई है, जिससे आर्थिक तंगी के कारण किसी भी घायल को उपचार से वंचित न होना पड़े।
जिले में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता के लिए आगे आएं और उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें।






