चकरिया में “पेड़ है तो प्राण” अभियान में सैकड़ों फलदार पौधे बांटे , आदिवासियों ने जंगल संरक्षण का लिया संकल्प

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – प्रमोद कुमार

दुद्धी (सोनभद्र)।जनपद के कोन ब्लॉक के चकरिया ग्राम पंचायत में “पेड़ है तो प्राण है” अभियान के तहत सैकड़ों फलदार पौधे आदिवासी परिवारों को वितरित किए गए। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा की अगुवाई में बुधवार को चकरिया में जल जंगल जमीन बचाने के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने कहा कि किसी भी आदिवासी परिवार का घर उजाड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह हाल है कि विन्ध्य पर्वतमाला और सोन नदी से दूर इलाकों में भी आदिवासी परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है, जबकि ऐसे विकास कार्य वहीं किए जाएं जहाँ किसी को विस्थापित न होना पड़े और पेड़ न कटे। उन्होंने सरकारों से जनहित को प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि जन उत्पीड़न की नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेड़ है तो प्राण है अभियान के जिला संयोजक रामसुरत सिंह खरवार ने कहा कि किसी भी कंपनी को जंगल काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि चाहे जान की कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े, वे अपने जंगलों को कटने नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के दौरान क्षेत्र के औषधीय पौधों की वजह से यहाँ गंभीर फैलाव नहीं हुआ; इसलिए ऐसे औषधीय जंगलों को संरक्षित करना जरूरी है।
कार्यक्रम में राजू पासवान, जोगेंद्र यादव, राम बहाल खरवार, विन्दू अगरिया, गुलाब चेरो, मुनिया खरवार, प्रमिला खरवार, सत्रुधन बिन्द, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, सुरेश मौर्य सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

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