तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
चोपन (सोनभद्र)। चोपन थाना क्षेत्र के करगरा गांव स्थित सोन नदी में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मछली पकड़ने गए एक वृद्ध मछुआरे पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। कुछ ही पलों में नदी का शांत माहौल चीख-पुकार से गूंज उठा। मगरमच्छ ने 65 वर्षीय लल्लू केवट को अपने शक्तिशाली जबड़ों में जकड़ लिया और गहरे पानी की ओर खींचने लगा। मौत सामने देख वृद्ध लगातार मदद के लिए चिल्लाते रहे।
चीख सुनते ही आसपास मौजूद ग्रामीण बिना अपनी जान की परवाह किए लाठी-डंडे लेकर नदी किनारे दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए मगरमच्छ पर लगातार हमला किया और शोर मचाया। ग्रामीणों के आक्रामक तेवर देखकर मगरमच्छ ने आखिरकार वृद्ध को छोड़ दिया और नदी के गहरे पानी में वापस चला गया।
मगरमच्छ के चंगुल से छूटने के बाद ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल लल्लू केवट को तत्काल नदी से बाहर निकाला। उनके शरीर पर मगरमच्छ के जबड़ों के गहरे निशान पाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस घटना के बाद करगरा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सोन नदी में पिछले कुछ समय से मगरमच्छों की मौजूदगी बढ़ती जा रही है, जिससे मछुआरों, किसानों और नदी किनारे आने-जाने वाले लोगों की जान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने, निगरानी बढ़ाने तथा मगरमच्छों से सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्रामीण समय पर मौके पर नहीं पहुंचते, तो वृद्ध मछुआरे की जान बचाना संभव नहीं हो पाता। पूरे क्षेत्र में ग्रामीणों की बहादुरी की चर्चा हो रही है। वहीं प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।




