तेज़ एक्सप्रेस न्यूज – किरण साहनी
ओबरा, सोनभद्र। आग लगने की घटना अचानक सामने आती है और यदि शुरुआती समय में सावधानी एवं सूझबूझ से कदम नहीं उठाया जाए तो छोटी सी चिंगारी देखते ही देखते बड़े हादसे का रूप ले सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बुधवार को इस्लामिया इंटर कॉलेज ओबरा परिसर में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ओबरा इकाई की ओर से अग्नि सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को आग लगने के प्रमुख कारणों, आग के विभिन्न प्रकारों तथा शुरुआती स्तर पर आग बुझाने के सुरक्षित उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान सीआईएसएफ ओबरा के सब इंस्पेक्टर अमित चतुर्वेदी ने बताया कि घर, विद्यालय, बाजार अथवा कार्यस्थल पर छोटी-सी लापरवाही भी आग जैसी गंभीर घटना का कारण बन सकती है। बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट, गैस रिसाव, पेट्रोल-डीजल, रसोई में लापरवाही तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थों को असुरक्षित तरीके से रखने से आग लगने का खतरा बना रहता है। उन्होंने लोगों से आग से बचाव के लिए पहले से सावधानी बरतने और आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से कार्रवाई करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि हर प्रकार की आग के लिए एक ही तरीके का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आग की प्रकृति के अनुसार उपयुक्त अग्निशामक यंत्र का प्रयोग करना जरूरी है। विशेष रूप से बिजली से लगी आग के मामले में पानी का इस्तेमाल बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले सुरक्षित तरीके से विद्युत आपूर्ति बंद करने का प्रयास किया जाना चाहिए और इसके बाद उपयुक्त अग्निशामक यंत्र का प्रयोग करना चाहिए।प्रशिक्षण में गैस से आग लगने की स्थिति में गैस की आपूर्ति बंद करने के महत्व को भी समझाया गया। बताया गया कि रसोई में गैस उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। गैस की गंध आने पर किसी भी विद्युत स्विच को ऑन या ऑफ करने के बजाय सुरक्षित तरीके से गैस की आपूर्ति बंद करने और स्थान को हवादार करने पर ध्यान देना चाहिए।
वहीं कपड़ों में आग लगने की स्थिति में घबराकर दौड़ने के बजाय जमीन पर लेटकर लुढ़कने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि आग की स्थिति में सबसे पहले अपनी और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि आग शुरुआती स्तर से बाहर हो चुकी हो तो स्वयं जोखिम लेने के बजाय सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर दमकल सेवा को सूचना देना अधिक उचित है।
सीआईएसएफ कर्मियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि अग्नि सुरक्षा केवल प्रशिक्षण या किसी एक दिन तक सीमित रहने वाला विषय नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदतों में शामिल करना जरूरी है। घरों में बिजली के उपकरणों, गैस चूल्हे और ज्वलनशील वस्तुओं का इस्तेमाल करते समय थोड़ी-सी सावधानी बड़े हादसे को रोक सकती है। विद्यालयों में भी अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन रास्तों की जानकारी और समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास कराना जरूरी बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और आग की सूचना संबंधित विभाग को देने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि आग लगने के दौरान अफवाह या अफरातफरी की स्थिति पैदा करने के बजाय शांत रहकर सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रधान आरक्षक विवेकानंद सिंह, सुशील कुमार राव, आरक्षक अग्नि नितेश कुमार सिंह, दर्शनसलिंग तथा आरक्षक चालक अजीत सिंह काजला मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य रियाज अहमद ने की। विद्यालय परिसर में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अग्नि सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ में विशेष रुचि देखने को मिली।बॉक्स सावधानी हटी तो हादसा बड़ा हो सकता है सोनभद्र। अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आग से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और सावधानी है। घर, विद्यालय और कार्यस्थल पर गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, कागज, कपड़े और अन्य ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। बिजली के तारों, प्लग और उपकरणों में खराबी दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। गैस चूल्हे का इस्तेमाल करने के बाद उसकी आपूर्ति ठीक से बंद करना जरूरी है।
आग लगने की स्थिति में सबसे पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने को प्राथमिकता देनी चाहिए। आग यदि नियंत्रण से बाहर हो रही हो तो खुद जोखिम उठाने के बजाय तत्काल दमकल सेवा को सूचना देकर सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए। सही समय पर बरती गई सावधानी न केवल संपत्ति को नुकसान से बचा सकती है, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी टाल सकती है।






