तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
ग़ाज़ीपुर – उत्तर प्रदेश
जखनिया के बखरा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व कोटेदार की मिलीभगत से लूटपाट , वही बखरा कोटेदार उमेश राम के यहां दो दुकानें अटैच है छपरी व बखरा दोनों का अनुमानतह राशन 150 कुंतल से 175 कुंतल है फिर भी उन महोदय के द्वारा राशियों में की जा रही घट तोली ।लाभार्थियों को नियमित राशन वितरण नहीं करना तो उनके यहां आम बात है। गरीबों के हक का राशन खुले बाजार में बेचा जा रहा है। अंत्योदय योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 35 किग्रा राशन देने का मानक है, मगर उन्हें 25 किग्रा राशन दिया जा रहा है। इससे कोटेदारों के खिलाफ जब कभी शिकायत होती है, तो विभागीय अधिकारी सप्लाई इंस्पेक्टर से पूछ करके रिपोर्ट लगा देेते हैं।विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते कोटेदार मनमानी पर उतारू हो गए हैं। गांव में राश्न नहीं बांटने की समस्या आम हो गई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच करने के बजाय कोटेदारों से सेटिंग मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत प्रत्येक यूनिट को पांच किग्रा राशन दिया जाता है। जिसमें तीन किग्रा गेहूं और दो किग्रा चावल दिया जाता है। जबकि अंत्योदय योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 35 किग्रा राशन देने का मानक है। बखरा गांव के उमेश राम ने तो हद ही कर दिया है की उनके यहां जितना भी राशन आता है अंतोदय या पात्र गृहस्थी का उन्होंने अपने इलेक्ट्रॉनिक कांटे में 10 किलो की सेटिंग बना रखी है अगर 25 किलो राशन तोलते हैं तो 22 किलो जनता का राशन होता है और कोटेदार महोदय के यहा पूर्व में कुछ दिन पहले चीनी आई थी जो अंत्योदय कार्ड धारकों को 3 किलो पर कार्ड कर देना था जो उन्होंने 2 किलो ही चीनी दी और ₹50 आठ लिए इस विषय पर जब उनसे बात हुई तो उन्होंने बताया कि सब का कमीशन बधा हुआ है प्रधान भी कुछ ले लेते हैं और विभाग में कर्मचारिय फिर कैसे हम वितरित करें गांव के लोगो को कोटेदार की शिकायत कई बार की गई, मगर कोई भी सुनने को तैयार नहीं है।विभागीय जानकारों की मानें तो केवल शिकायतें कोटेदारों के अनियमितता की गयी मगर जांच के नाम सिर्फ खाना पूर्ति । वास्तव में विभागीय अधिकारी अगर मुस्तैद हो जाएं, तो कोटेदारों के कालाबाजारी पर रोक लग सकती है।
कोटेदारों की जो भी शिकायते मिलती है, उसकी जांच कराई जाती है, जो कोटेदार दोषी मिलते है, उनके दुकानें निलंबित कर दी जाती है। जो प्रकरण लंबित है, उनकी जल्द जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






