शवदाह गृह तक पहुंचने के लिए नहीं है कोई रास्ता

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – मनोज पटेल

राजगढ़ – मिर्जापुर

क्षेत्र के राजगढ़ ग्राम पंचायत में बना शवदाह गृह अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। शवदाह गृह जर्जर अवस्था में हो गया हैं। वर्ष 2015 – 16 में लगभग 13 लाख की लागत से इसका निर्माण हुआ था। इसमें अभी तक करीब दो दर्जन शव की अंत्येष्टि संस्कार किया गया है। इसका मूल कारण शवदाह गृह तक जाने का कोई मार्ग ही नहीं है।
जब इसका निर्माण चल रहा था तभी रास्ते को लेकर गांव वालों ने आपत्ति की थी। आपत्ति को दरकिनार कर यहां शवदाह गृह बना दिया गया। कस्बे से पश्चिम बकहर नाले के समीप यह स्थान लगभग चार महीने तक बरसात के पानी में डूबा रहता है। चारों तरफ झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। यहां लगे हैंडपंप भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। विश्राम स्थल, शौचालय जर्जर हो गए हैं। इन दुश्वारियों को देखते हुए लोगों की सोच यही है कि गंगा किनारे अंत्येष्टि करना अच्छा है। यहां व्यवस्थाओं में सुधार के साथ लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। इतना ही नहीं राजगढ़ शवदाह गृह है। जहां बनाया गया है उस स्थान पर नशेड़ी और जुआरियों का अड्डा बन गया है। यहां पर विश्राम कक्ष के अंदर भारी मात्रा में माचिस की खाली डिबिया, जली बीड़ी जैसे नशीले पदार्थ फर्श पर बिखरा रहा। इससे साफ जाहिर होता है कि अंत्येष्टि स्थल के समीप बने विश्राम कक्ष में नशेड़ीयो अड्डा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर मादक पदार्थ की बिक्री भी की जाती है जिससे कि क्षेत्र के नए युवक बिगड़ते जा रहे हैं।

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