तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान
दुद्धि – सोनभद्र
एफसीआई गोदाम से कोटेदारों को भेजे जा रहे घटिया चावल शिकायत पर गोदाम सील
उपजिलाधिकरी के निर्देश पर तहसीलदार ने मारा छापा कृषि मंडी स्थित एफसीआई गोदाम किया सील
जांच के दौरान एफसीआई गोदाम के ठीक सामने स्थित एक गोदाम में कई सौ सरकारी खाली बोरे व कुछ प्राइवेट मार्का के प्लस्टिक बोरे मिले
सरकार द्वारा कोटेदारों को भेजे जा रहे अनाजों में सेंधमारी की शिकायत व कोटेदारों को गल्ला उठान में मशीन की सिलाई के स्थान पर लूज सिलाई के बोरों में घटिया किस्म की खुद्दी युक्त भूकड़ाये चावल दिए जाने की शिकायत पर आज उपजिलाधिकारी रमेश कुमार ने गंभीरता से लिया और तहसीलदार को गोदाम जांच के निर्देश दिए ,निर्देश पर दोपहर एक बजे लेखपालों के साथ पहुँचे तहसीलदार ने गोदाम मैं छापामारी कर जांच की जांच अधिकारी का दल जैसे ही एफसीआई गोदाम मंडी समिति परिसर पहुंचा वहां के खाद्यान्न माफियाओं में हड़कंप मच गयाl तहसीलदार ने एक अन्य गोदाम की जांच किया तो गोदाम के एक लाट में फटे पुराने बोरे में घटिया किस्म के भूकड़ाये चावल के दर्जनों बोरा पाया गया वहीं गोदाम के फर्श पर चावल के कई ढ़ेर भी मिले ,इसके बाद वहां परिसर में गेहूं की लोडिंग कर रहे एक ट्रक को भी कब्जे में लेकर पत्रावली तलब किया है ,इसी क्रम में एफसीआई गोदाम के ठीक सामने स्थित एक गोदाम में भी जमीन पर बिखरे चावल का सैंपल लिया और जमीन पर बिखरे प्राइवेट मार्का छप्पन भोग की बोरों को भी मिला,वहीं परिसर में कई सौ एफसीआई के खाली बोरे भी मिले हैं | तहसीलदार सुरेश चंद्र ने एफसीआई गोदाम को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया साथ ही सामने स्थित एक गोदाम को भी सील कर दिया| हालांकि जांच शुरु होने के बाद आधे घंटे बाद वहां पहुँचे एसएमआई दीपक वशिष्ट ने सफाई के तौर पर कई दलीलें दी लेकिन कोई भी जबाब संतोषजनक नहीं मिला| तहसीलदार ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई एसडीएम दुद्धी के निर्देश पर हुआ है जांच रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपी जाएगी| तहसीलदार ने दो अलग-अलग गोदाम से हटिया चावल और भू कड़ा ए चावल के नमूने भी लिए हैं lसूत्रों की मानें तो अगर जांच निष्पक्ष रुप से किया गया तो सही मामले चौकानेवाले आ सकते हैंl
यह है पूरा मामला,,,,
अमवार निवासी कोटेदार सुखी सिंह ने आज उपजिलाधिकरी से मिलकर शिकायत की थी कि इस बार के उठान में 150 बोरी चावल में 135 बोरी चावल लूज सिलाई युक्त बोरा मिला है जिसमें चावल ऐसा है कि जिसे इंसान तो छोड़िए जानवर भी ना खाए|आरोप लगाया है कि प्रत्येक बोरी में एक किलो भर्ती वजन भी कम होती है|धोरपा के कोटेदार नागेश्वर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने भी 18 तारीख को गल्ले का उठान किया उन्हें भी घटिया चावल की खेप पहुँचा दी गयी है| जिस पर तत्परता दिखाते हुए एसडीएम ने जांच करवाई|
सरकारी गोदाम के आस पास गोदामों में होती है हेराफेरी का खेल
उधर नाम ना छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि बाजार व आस पास की क्षेत्रों से सड़े गले चावल व गेंहू को खरीदकर कर सरकारी अनाजों में मिलावट का खेल रात के अंधेरे में चल रहा है , सरकारी गोदाम में रखे कोटेदारों के लिए आये अनाजों की बोरियों को आस पास की गोदामों से लाकर सरकारी उच्च गुणवत्ता के खाद्यान को प्राइवेट बोरे में पैकिंग कर बाजारों में बेच दी जाती है और क्षेत्र के सड़े गले अनाज को यहां लाकर गोदाम में रखवा दिया जा रहा है फिर उसे फेटवाकर कोटेदारों को सप्लाई करने का काम धड़ल्ले से चल रहा है|






