तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
गाजीपुर। राजनीतिक फिजां में आगामी विस चुनाव की बयार बहने लगी है। सभी पार्टियां अपना झंडा बुलंद करने के लिए तैयारियां शुरु कर दी है। एक तरफ जहां सत्ताधारी पार्टी आएदिन सभा कर सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों और योजनाओं की जनता को याद दिला रही है। वहीं विपक्षी भाजपा सरकार की नाकामियों को जनता को बता रहे हैं। राजनीतिक अखाड़े में पक्ष और विपक्ष का वाक्य युद्ध शुरु हो गया है। एक दिन पहले समाजवादी पार्टी ने दस दलों के साथ बैठक कर प्रदेश की कुर्सी पार्टी के नाम करने का संकल्प लिया। अब देखना है कि दस दलों वाली इस पार्टी को कितनी सफलता मिलती है।
विधानसभा चुनाव की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं हुई है, लेकिन सभी दलों की तरफ से युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी शुरु कर दी गई है। सत्ताधारी पार्टी भाजपा के साथ ही सपा, बसपा और कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों ने जनसंर्पक प्रारंभ कर दिया है। यही नहीं पार्टियों द्वारा सभाओं का दौर भी प्रारंभ हो गया है। सभाओं में सत्ताधारी पार्टी एक तरफ जहां सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जनता को याद दिला रही है। वहीं विपक्ष सत्ताधारी पार्टी की नाकामियों को बताते हुए, यह बताया जा रहा है कि यदि उनकी पार्टी की सरकार बनी तो प्रदेश में किस तरह की खुशहाली आएगी। चुनावी लहर देखी जाए तो अभी तक भाजपा और सपा के बीच ही मुख्य लड़ाई दिख रही है। एक दिन पहले सपा जिलाध्यक्ष रामधारी यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय लोहिता भवन पर सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल पार्टी, जनवादी पार्टी सोसलिस्ट, अपना दल कमेरावादी, भागीदारी समाज पार्टी, जैहिंद समाज पार्टी, राष्ट्रीय उदय पार्टी की संयुक्त बैठक हुई थी। इस दौरान नेता-कार्यकर्ता सीना चौड़ा करते हुए पार्टी की सफलता का दावा करते रहे। राजनीतिक दृष्टि से इस बैठक पर नजर दौड़ाई जाए तो सभी पार्टियों पर सपा अपने को भारी मान रही है।





