
तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता
उत्तर प्रदेश
योगी सरकार ने अपने एक आदेश को बदलते हुए पुलिस विभाग के लिए एक बड़ा आदेश जारी किया है। अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बाकायदा पत्र जारी कर कहा है कि प्रदेश के कुल थानों में अब दो तिहाई थानों पर निरीक्षकों तथा एक तिहाई थानों पर उप निरीक्षकों को थानाध्यक्ष के रूप में तैनाती दिया जाय ।
योगी सरकार के इस आदेश के बाद उप निरीक्षकों को बड़ी राहत मिली है ।
शासनादेश संख्या 1768/6-पु-1-18-135/2013 दिनांक 11.05.2018 में कहा गया है कि थानाध्यक्ष के रूप में निरीक्षकों व उपनिरीक्षकों की तैनाती उनकी उपयुक्त्ता, योग्यता, कर्मठता, कार्यकुशलता, सत्यनिष्ठा एवं व्यवहारिक दक्षता के आधार पर ही की जाएगी ।इससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले
निरीक्षकों/उपनिरीक्षकों का मनोबल बढ़ेगा तथा अन्य अधिकारियों को अच्छा कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होगी।
इसके अलावा शासनादेश में कहा गया है कि उपर्युक्त उद्देश्य की पूर्ति हेतु यदि आवश्यक हो तो दो तिहाई थानों में निरीक्षकों की तैनाती की व्यवस्था को शिथिल करते हुए यदि योग्य व उपयुक्त निरीक्षक उपलब्ध नहीं है तथा उप निरीक्षक उपलब्ध हैं, तो 50 प्रतिशत तक उप निरीक्षकों की तैनाती की जा सकती है।
शासनादेश में यहां तक कहा गया है कि उक्त व्यवस्था को सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना कि सभी थानों में योग्य, कर्मठ, कार्यकुशल और अच्छी सत्यनिष्ठा वाले थानाध्यक्ष ही तैनात हों ।
योगी सरकार का यह फैसला उन उप निरीक्षकों के लिए वरदान साबित होगा जो योग्यता रखने के वावजूद इंस्पेक्टर न होने की वजह से चार्ज पर नहीं थे।
सरकार ने थानों पर योग्य ईमानदार व कर्मठ थानेदार की नियुक्ति के लिए कहा हुआ है लेकिन अब सवाल यह उठता है कि इसके नापने के पैमाना क्या होगा क्योंकि पुलिस भर्ती के समय ये सभी चेक करने के बाद ही नियुक्ति दी जाती है और शपथ दिलाया जाता है ।






