तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे
गाजीपुर:जनता हमेशा किसी ना किसी के विरोध के रूप में प्रदर्शन करते हुए और धरना करते हुए दिखाई देती है लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बाद सरकारी तंत्र के लोगों का पसीना निकल गया है। इस मामले मे जिलापूर्ती अघिकारी का फोन रिसीव नही हुआ जबकि जिलाधिकारी आर्यका अखौरौ किसी विषेश मीटिंग मे शामिल होने के लिए राजधानी मे है।
ऐसा क्यों हुआ जिससे कर्मचारियों की छीछालेदर होने लगी आखिर ग्रामीणों ने कोटेदार के पक्ष में क्यों किया प्रदर्शन कासिमाबाद क्षेत्र के रामगढ़ ग्राम पंचायत की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानदार विजय बहादुर राम की दुकान के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक द्वारा दो दिन पूर्व की गई कार्रवाई से उत्तेजित ग्रामीणों ने सोमवार को सैकड़ों की संख्या में तहसील मुख्यालय पहुंच कर पूर्ति निरीक्षक की कार्रवाई को गलत बताते हुए दुकान बहाल करने की मांग किया।
ग्रामीणों ने अपने पत्र में लिखा है कि विजय बहादुर राम की दुकान पर 15 जून को सर्वर डाउन होने से नेटवर्क काम नहीं कर रहा था जिसके कारण 125 की संख्या में कार्ड धारकों का अंगूठा नहीं लग सका । अंगूठा नहीं लगने की दशा में कार्ड धारकों को बिना अंगूठा लगाए राशन वितरण कर दिया गया । ग्रामीणों का कहना है कि विक्रेता की कोई गलती नहीं है हम ग्रामीणों के दबाव बनाने पर वितरण किया गया था क्योंकि उस दिन बहुत तेज धूप थी और धूप लगने के कारण एक ग्रामीण बेहोश होकर गिर गया था।






