तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता
महाराष्ट्र में शिवसेना की तरह NCP भी दो हिस्सों में बंट गई है। राज्य के डिप्टी CM अजित पवार ने NCP से निकाले जाने के बाद अपनी नई टीम बना ली। अजित पवार ने सांसद सुनील तटकरे को प्रदेश अध्यक्ष और अनिल पाटिल को चीफ व्हिप बनाया है। अजीत, कैबिनेट की मीटिंग के बाद नए दफ्तर का उद्घाटन करेंगे।
शरद पवार ने भी आज दोपहर 1 बजे पार्टी नेताओं की मीटिंग बुलाई है। इससे पहले उन्होंने सोमवार रात वकीलों के साथ मीटिंग की। NCP बागियों का मुद्दा कोर्ट में ले जा सकती है।
अजित और 8 विधायकों के शपथग्रहण के अगले दिन NCP चीफ शरद पवार ने सभी बागियों को पार्टी से निकाल दिया। सांसद प्रफुल्ल पटेल और समारोह में गए शिवाजी राव गर्जे, विजय देशमुख और नरेंद्र राणे को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया।
उधर, पार्टी से निकाले गए प्रफुल्ल पटेल का दावा है कि 53 में से 51 विधायकों ने शरद पवार से कहा था कि MVA सरकार गिरने के बाद भाजपा के साथ हाथ मिलाने की संभावना तलाशी जानी चाहिए। जयंत पाटिल भी इनमें से एक थे।
NCP से जुड़े आज के अपडेट्स…
NCP संकट पर शरद पवार गुट के क्लाइड क्रैस्टो ने कहा, “अजीत पवार गुट कानूनी दांव-पेच चल रहा है। हमें अपना काम करना होगा। NCP का मतलब अब भी शरद पवार ही है, घड़ी का चुनाव चिन्ह भी उनके पास है और वे अभी भी पार्टी के एक्टिव प्रेसिडेंट हैं।”
मंगलवार को महाराष्ट्र कांग्रेस भी एक हाई-लेवल मीटिंग करेगी। इसमें महाराष्ट्र के नेता विपक्ष को लेकर चर्चा होगी।
महाराष्ट्र के पूर्व CM-कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि NCP के 53 विधायक थे, अगर 37 से ज़्यादा विधायक अजीत पवार के साथ जाते हैं तो दल-बदल कानून से बच सकते हैं। अगर 35 से कम रहे तो निलंबन तय है। जो शिवसेना के समय हुआ था वही होगा लेकिन तस्वीर कल तक साफ होगी।
1. हमारे कुछ लोग भाजपा की साजिश का शिकार हो गए
सातारा में सोमवार को हुई रैली में शरद पवार ने कहा- भाजपा देशभर में चुनी हुई सरकारों को गिरा रही है। हमारे कुछ लोग भाजपा का शिकार हो गए। महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हुआ है। महाराष्ट्र की जनता को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी।
2. 5 जुलाई को NCP के सभी नेताओं की मीटिंग बुलाई
शरद बोले- बड़ों के आशीर्वाद के साथ हम नई शुरुआत करेंगे। हमने 5 जुलाई को पार्टी के सभी नेताओं की मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में सभी नेता एफिडेविट के साथ आएं। वहां अजित पवार खेमे से कई लोग होंगे, जिनका कहना है कि उनकी विचारधारा NCP से अलग नहीं है और वे अगले कुछ दिनों में अंतिम फैसला लेंगे।
3. दलबदल कानून लागू होगा?
इस कानून की दो शर्तें हैं। जिस दल को नेता छोड़ रहा है, उसका दूसरे दल में विलय हो जाए। दो तिहाई विधायक सहमत हों। दोनों स्थितियां अजित के पक्ष में हैं। अजित पवार का दावा है कि उन्हें राज्य विधानसभा में NCP के कुल 53 विधायकों में से 40 से अधिक का समर्थन प्राप्त है। दलबदल विरोधी कानून के प्रावधानों से बचने के लिए अजित के पास 36 से अधिक विधायक होने चाहिए।
4. शिंदे गुट की धमक कम होगी?
शिंदे गुट की उपयोगिता खत्म सी हो गई है। 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत 145 पर है। शिंदे-फडणवीस सरकार के पास 160 का आंकड़ा था। अब 35 NCP विधायक हैं। भाजपा-शिवसेना के 10-10 मंत्री हैं। 23 पदों में 9 NCP के हो गए हैं। भाजपा ने शिंदे को 5 मंत्री हटाने का सुझाव दिया था। उन्हें भाजपा के निर्देशों पर अमल करना होगा।
5. भाजपा कितनी सफल रही?
NCP को साधकर भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिहाज से महाराष्ट्र को सबसे आसान राज्य की श्रेणी में ला खड़ा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि पार्टी बिहार में भी ऑपरेशन लोटस पार्ट-2 ला सकती है।
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