अधिकारी मस्त -उत्तर प्रदेश सरकार लाख दावा करें कि प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त कर दी गई क्या यही ?

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे

ग़ाज़ीपुर नंदगंज शादियाबाद मार्ग पस्त, अधिकारी मस्तब -उत्तर प्रदेश सरकार लाख दावा करें कि प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त कर दी गई है लेकिन अगर इस सच्चाई को देखना है तो नंदगंज शादियाबाद मार्ग को देखकर जाना जा सकता है। यह सड़क गड्ढे में ही नहीं बल्कि यह कहा जाए कि पोखरे में तब्दील हो चुकी है तो कहीं अतिशयोक्ति नहीं होगी। यह सड़क वाराणसी गाजीपुर मुख्य मार्ग से नंदगंज से निकलकर शादियाबाद तक जाती है फिर शादियाबाद से कई रास्ते निकलते हैं जिसके द्वारा सादात, सैदपुर, बहरियाबाद, तरवां, आजमगढ़, जखनिया, भड़सर, हंसराजपुर, जंगीपुर, मरदह, मऊ, गोरखपुर तक जाया जा सकता है। यह मार्ग क्षेत्र के सैकड़ों गांव को मुख्य मार्गों से जोड़ता है। इसके अलावा सादियाबाद से नंदगंज के बीच कई विद्यालय भी हैं जहां छात्र अपने निजी साधनों से भी जाते हैं और आए दिन इन छात्रों के साथ कुछ न कुछ दुर्घटनाएं होती रहती है। जैसे या विद्यालय पहुंचने में देर हो जाए या इन गड्ढों में ही गिर कर घर वापस चले आए। बहुत से यात्री तो इस पोखरे रूपी सड़क से बचने के लिए लिंक मार्गो से अपने गंतव्य को जाते हैं। इन बड़े गड्ढों की वजह से आए दिन कुछ न कुछ दुर्घटनाएं होती रहती हैं। फिर भी अधिकारियों के कान पर कोई जू नहीं रेंग रहा या यूं कहा जाए कि यह अधिकारी भी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। इस मार्ग को देखने के बाद तो यही लगता है की सरकार की कई योजनाओं को यह अधिकारी केवल कागजों पर पूरा कर रहे हैं और धरातल पर उतरने ही नहीं दे रहे हैं और इन योजनाओं के पैसों से अपनी जेब मोटी कर रहे हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि ऐसे खस्ताहाल सड़कों के लिए शासन जिम्मेदार या अधिकारी?

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