तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता
वाराणसी –
दालमंडी स्थित मरहूम डॉ.नाजिम जाफरी के आवास से निकले लुटे काफिले के जुलूस में कलाम पेश किया गया अशरे को भी शब्बीर का जो गम नहीं करते, वो पैरवी-ए-सरवरे आलम नहीं करते, हिम्मत हो तो महशर में पयंबर से भी कहना, हम जिंदा-ए-जावेद का मातम नहीं करते। जुलूस के कदीमी रास्ते में आलिमों ने तकरीर पेश की। तकरीर में जब उन्होंने लुटे हुए काफिले का मंजर बयान किया तो शिया समुदाय के लोग बिलखते देते गए। रास्ते में जुलूस को देखने के लिए शिया समुदाय की महिलाओं,बच्चों की भीड़ भी जुटी रही। जुलूस नई सड़क, शेख सलीम फाटक, कालीमहल, पितरकुण्डा, लल्लापुरा होते हुए दरगाहे फातमान पहुंचेगा। जहां पर इमाम हुसैन के कुनबे के रौजे पर खेराज-ए-अकीदत पेश किया जायेगा।






