नियमित टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्यशाला आयोजित

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप दुबे / गाजीपुर

कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण रामवाण की तरह है। ऐसे में वैक्सीन के उचित तापमान पर रखरखाव की जिम्मेदारी अहम् है। ग्रामीण इलाकों में कोल्ड चेन की देखरेख के लिए कोल्ड चेन हैंडलर की नियुक्ति की गयी है। इन लोगों की जिम्मेदारी कोविड-19 टीकाकरण के साथ ही नियमित टीकाकरण के वैक्सीन की रख-रखाव की भी है । इसी के मद्देनजर बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गिरीश चंद्र मौर्य की अध्यक्षता कार्यशाला आयोजित हुई | कार्यशाला में मुख्य रुप से नियमित टीकाकरण के लक्ष्य हासिल करने के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में चाई ( क्लिंटन हेल्थ एक्सेस इनीशिएटिव) के क्लस्टर लीड मनोज रावत, प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर मणिशंकर, यूनिसेफ के अजय उपाध्याय एवं यूएनडीपी के प्रवीण उपाध्याय  रहे।
मनोज रावत ने बताया कि नियमित टीकाकरण के साथ ही कोविड-19 टीकाकरण का बेहतर रखरखाव कोल्ड चेन के माध्यम से किया जाता है। इसके लिए कोल्ड चेन हैंडलर की नियुक्ति की गई है। कोल्ड चेन हैंडलर के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में चलने वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित कोल्ड चेन के ग्रेडिंग में सुधार को लेकर कार्यशाला में सुझाव एवं सहयोग दिया गया। उन्होंने बताया कि इस वर्कशॉप में मुख्य रूप से तीन विषयों पर विशेष जोर दिया गया जिसमें नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान अपडेट करना, एवीडी प्लान बनाना एवं सुपरवाइजरी प्लान बनाने के साथ ही कोल्ड चेन के रखरखाव शामिल रहे | प्रवीण उपाध्याय द्वारा ई-विन के नए संस्करण पर कोल्ड चेन हैंडलर को प्रशिक्षण दिया गया।
मणिशंकर ने बताया कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित कोल्ड चेन की अलग-अलग ग्रेडिंग है। उसमें कैसे सुधार किया जाए और लक्ष्य को अधिक से अधिक प्राप्त किया जाए इसके बारे में बताया गया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जनपद में नियमित टीकाकरण मार्च तक में 87% रहा। एक अप्रैल से मई 21 तक 28%। ऐसे में टीकाकरण को 90% तक करने का लक्ष्य लेकर आगे कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
इस कार्यशाला में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ उमेश कुमार, यूनिसेफ के अजय उपाध्याय के साथ ही सभी ब्लॉकों से एवं शहरी क्षेत्र के कोल्ड चेन हैंडलर शामिल रहे ।

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