नंदकिशोर गुप्ता/ तेज एक्सप्रेस न्यूज़
विण्ढमगंज/ सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र सलैयाडीह निवासी प्रतीक पांडे सुपुत्र द्रोणाचार्य पांडे बचपन में पोलियो की दंश झेल चुके प्रतीक पांडे ने चिकित्सा क्षेत्र में अपना नाम अपने गांव समाज क्षेत्र का नाम रौशन किया है झारखंड के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज रिस्म में अपनी एमडी की पढ़ाई शिशु रोग विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा पूरे रांची यूनिवर्सिटी में दूसरा स्थान प्राप्त किया है विण्ढमगंज के लाल की इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों में काफी खुशी है
डॉक्टर प्रतीक पांडे विण्ढमगंज के रहने वाले द्रोणाचार्य पांडे के पुत्र हैं प्रतीक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विण्ढमगंज के मॉडर्न पब्लिक स्कूल से कक्षा एक से 6 तक पढ़ाई की फिर विण्ढमगंज के ही भारतीय इंटर कॉलेज से 7 और 8 की शिक्षा ग्रहण किया, इसके बाद प्रयागराज इंटर की करने के बाद नीट की तैयारी के लिए कोटा चले गए और दुसरे ही अटेंप्ट में नीट क्वालिफाइड करते हुए धनबाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया, इसके बाद एमडी के लिए रांची के रिम्स में शिशु रोग विभाग में दाखिला लिया जिसमें डॉक्टर प्रतीक पांडे ने न सिर्फ अपने विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त किया बल्कि पूरे रांची विश्वविद्यालय में दूसरे स्थान पर रहे झारखंड के रांची में शिशु रोग विभाग के हेड डॉक्टर राजीव मिश्रा से सम्मान प्राप्त करते हुए
डॉक्टर प्रतीक पांडे अपनी सफलता का श्रेय अपनी स्वर्गीय दादा राधा कृष्ण पांडे को समर्पित करते हुए कहते हैं कि बचपन में पोलियो ग्रस्त होने के कारण, उन्हें बचपन से ही डॉक्टर बनने की इच्छा था। विण्ढमगंज हमारा क्षेत्र चिकित्सा क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है इसलिए भी हम डॉक्टर बनना चाहते थे ताकि डॉक्टर बनकर अपने क्षेत्र की सेवा कर सके, डॉ0 प्रतीक पांडे के इस सफलता के लिए झारखंड के राज्यपाल द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा ।प्रतीक की सफलता से विण्ढमगंज के लोग भी काफी उत्साहित हैं। सन क्लब सोसायटी,जय भवानी क्लब ,रामनवमी समिति, सहित दर्जनों संस्थान स्वयंसेवी संस्थान के लोगों ने डॉक्टर प्रतीक को बधाई दी है ।सन क्लब सोसायटी के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉक्टर प्रतीक पांडे को आने वाले दिनों में एक कार्यक्रम आयोजित करके उन्हें सम्मानित किया जाएगा।





