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केतार से प्रदीप चन्द्रवंशी की रिपोर्ट
केतार (गढ़वा) केतार थाना क्षेत्र के बेलाबार, नावाडीह, केतार और पचाडूमर गांवों में मोहर्रम का पावन पर्व रविवार को पूरी आस्था, शांति और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। दसवीं मोहर्रम, पहलाम के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए गमगीन माहौल में कई पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। सुबह लगभग 8 बजे पहाड़तर, गड़ई और कुशवा टोला से मोहर्रम का जुलूस निकाला गया, जो गांवों का भ्रमण करता हुआ पंडा नदी के तट तक पहुँचा। वहां पारंपरिक हथियारों के साथ युवाओं ने लाठी-डंडे और तलवारबाज़ी का शानदार प्रदर्शन किया। यह दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा और लगभग दो घंटे तक चला। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे पुनः जुलूस निकाला गया, जो विभिन्न गांवों के ताजियाओं से मिलते हुए कर्बला मैदान पहुँचा। वहां एक बार फिर से हथियारों के साथ पारंपरिक युद्ध शैली का जीवंत प्रदर्शन किया गया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इन रोमांचक करतबों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने करतबों का खूब आनंद उठाया। पूरे जुलूस के दौरान “या हसन, या ह माहौल पूरी तरह गमगीन लेकिन अनुशासित आयोजन में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा, जिसके पीछे सीओ सह बीडीओ प्रशांत कुमार एवं थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी की सतर्कता और सामुदायिक सहयोग की सराहनीय भूमिका रही। मोहर्रम का यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक भावनाओं का प्रतीक बना, बल्कि आपसी सौहार्द और एकता की एक बेहतरीन मिसाल भी पेश की। मोहर्रम के इस अवसर पर अंजुमन कमेटी के सदर शमीम अंसारी, मुखिया मूंगा साह, बीडीसी प्रतिनिधि इम्तेयाज अंसारी, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष लालेश्वर राम, समाजसेवी पंकज सिंह, पूर्व मुखिया अनील कुमार पासवान, मनोरंजन प्रसाद गुप्ता, विमलेश पासवान, बब्लू सिंह, छोटन सिंह, राजू सिंह, मेराजुद्दीन अंसारी, असीम अंसारी, अल्ताफ अंसारी, हकीमुद्दीन अंसारी, जसमुद्दीन अंसारी, अली हुसैन अंसारी समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य जन, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।






