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मल्लिका-ए-गज़ल, जिन्होंने सिगरेट की अपनी लत के चलते एक बार हज़ारों लोगों को परेशान कर दिया था। इन्होंने ट्रेन ही लेट करा दी थी। क्योंकि ये चाहती थी कि ट्रेन का गार्ड इनके लिए स्टेशन के बाहर से सिगरेट लेकर आए। तो इन्होंने गार्ड का लालटेन और हरा झंडा ही छीन लिया। ये जब मानने को तैयार ही नहीं हुई तो मजबूरी में गार्ड को स्टेशन के बाहर जाना पड़ा। और इन्हें सिगरेट का पैकेट लाकर देना पड़ा। और तब ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सकी।
सिगरेट की आदत के सामने ये कितना मजबूर थी इसकी एक कहानी पाकिज़ा फ़िल्म से भी जुड़ी है। दरअसल, बेग़म अख़्तर ने पाकिज़ा फिल्म को सिनेमा हॉल में छह दफा देखा था। और वो इसलिए, क्योंकि बेग़म सिगरेट पीने के लिए फिल्म छोड़कर बाहर चली जाती थी। और जब तक वो वापस लौटती थी तो तब फिल्म काफी आगे निकल चुकी होती थी। इस दौरान फिल्म के कई सीन्स छूट जाते थे। इसलिए बेग़म ने छह दफा टिकट खरीदकर पाकिज़ा फिल्म देखी और तब जाकर उनकी ये फिल्म पूरी हुई।
बेगम अख्तर नाम है इनका। इन्हें अख्तरी बाई फ़ैज़ाबादी भी कहा जाता था। आज जन्मदिन है इनका। 07 अक्टूबर 1914 को इनका जन्म हुआ था। इनकी गज़लें भी मैंने काफ़ी सुनी हैं। ऐ मुहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया। वो जो हममें तुममें करार था। और भी कई। इनकी गज़लें भी सीधा दिल में उतरती हैं। बस तब सुनी जानी चाहिए जब दिल-ओ-दिमाग पुर-सुकून स्टेट में होना चाहिए। और जो छलकाना पसंद करते हैं उनके पास जाम की व्यवस्था भी होनी चाहिए। तब इन्हें सुनने का आनंद और कई गुना बढ़ जाता है।
बेगम अख्तर जी की जीवनी अगर आप पढ़ना चाहें तो इस लेख को विज़िट कर सकते हैं- https://shorturl.at/nH6Jw इनकी कहानी भी जानने लायक है साथियों। पसंद आएगी आपको। कोठे पर गाने वाली महिला के घर पैदा हुई बेगम अख्तर कैसे मल्लिका-ए-गज़ल कहलाई, ये जानना आपके लिए दिलचस्प होगा। ज़रूर पढि़एगा। किस्सा टीवी बेगम अख्तर को ससम्मान याद करते हुए उन्हें नमन करता है। #MallikaEGhazal #BegumAkhtar
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