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१ – दीपावली की रात्रि ‘‘हत्था जोड़ी’’ को सामने रखकर ‘‘धनम् देहि’’ मंत्र का जाप करें निश्चित रूप से धन की प्राप्ति होगी। – यदि दीपावली रविवार को हो तो हत्थाजोड़ी को लाल रंग से रंग दें। यदि सोमवार को हो तो उसपर सफेद अबीर लगा दें। मंगल को हो तो लाल, बुधवार को हो तो हरा, बृहस्पतिवार को हो तो पीला रंग, शुक्रवार को हो तो सफेद अबीर, शनिवार को हो तो में काला अबीर लगायें। धन की वृद्धि होगी |
२ – लक्ष्मी आकर्षण यंत्र या छत्तीसा यंत्र दीवाली या किसी पूर्णिमा की रात्रि को सफेद कोरे कागज पर लाल स्याही से या अष्टगंध से लिखकर 100 छोटी-छोटी गोलियां बना लें। उन गोलियों को सवा किलो आटे में घी, शक्कर (चीनी) का बूरा दूध मिला दें। गीले आटे में गोली डालकर छोटी-छोटी आटे की गोलियां बना लें। विभिन्न मंत्र बोलते हुए मछलियों को खिलाएं। धन सम्पत्ति की वर्ष भर कमी नहीं रहेगी।
‘‘ऊँ महाशक्ति वेगेन, आकर्षय आकर्षय मणिभद्र स्वाहा।’
’३ – दीवाली या लक्ष्मी पूजन के समय कौड़ियों को केसर या हल्दी से रंगकर पीले कपड़े में बांध लें और फिर इन कौड़ियों को धन रखने के स्थान पर रखें, धन की कमी नहीं रहेगी।
४ – पांच गोमती चक्र दीपावली के दिन या किसी सुभ दिन मे पूजा के समय थाली में रखें और निम्न मंत्र का उच्चारण 108 बार (एक माला) करें।
‘‘ऊँ वे आरोग्यानिकरी रोगनशेषा नमः’’
इसको धन के स्थान पर रखने से धन की कमी नहीं रहेगी। सब रोगों का नाश होगा। शरीर स्वस्थ रहेगा।
५ – गोमती चक्र उपरोक्त मंत्र से या ऊँ लक्ष्मी नमः’’ से अभिमंत्रित करके लाल पोटली में बांध लें और दुकान में किसी स्थान पर रख दें। जब तक पोटली दुकान में रहेगी तो निश्चय ही व्यापार में उन्नति होगी या व्यापार रुक गया तो फिर तेजी से शुरु हो जायेगा।






